आमिर खान की तीसरी शादी पर अयोध्या के संतों का निशाना, फिल्म जगत के सामाजिक प्रभाव पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता आमिर खान की गौरी स्प्रैट के साथ तीसरी शादी को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है — सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और धार्मिक गलियारों तक। 14 जुलाई को अयोध्या से हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास और महंत वरुण दास ने इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रियाएँ दीं, जबकि पूर्व सपा सांसद एसटी हसन ने विपरीत दृष्टिकोण रखा।
महंत राजू दास की प्रतिक्रिया
हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के उस बयान का समर्थन किया जिसमें राणे ने आमिर खान की शादी को 'लव जिहाद' से जोड़ा था। महंत राजू दास ने कहा, 'महाराष्ट्र के कैबिनेट मिनिस्टर नितेश राणे ने सही कहा है कि आमिर खान की तीसरी शादी में भी पत्नी हिंदू है। क्या उन्हें अपने धर्म की कोई लड़की नहीं मिली? यह शुद्ध रूप से लव जिहादी फंडा है। आमिर खान किस धर्म को मानते हैं और सिर्फ हिंदू धर्म की लड़कियों से शादी ही क्यों करते हैं?'
महंत राजू दास ने यह भी आरोप लगाया कि फिल्मी दुनिया से जुड़े कुछ लोग अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके सामाजिक सोच को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा, 'ये लोग हिंदू बेटी से शादी करते हैं और फिर उसे छोड़ क्यों देते हैं? एक शादी की, दो की, अब तीसरी कर रहे हैं। 60 साल की उम्र में भी ऐसा हो रहा है। सनातन धर्म में एक शादी की परंपरा है। हिंदुओं को जागरूक होना होगा।' उन्होंने ऐसे मामलों में कार्रवाई की माँग भी की।
महंत वरुण दास का नज़रिया
अयोध्या के महंत वरुण दास ने इस मुद्दे पर व्यापक सामाजिक संदर्भ में टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'अभिनेता आमिर खान लगातार हिंदू लड़कियों से शादी करके लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर बनते जा रहे हैं, लेकिन उससे कई ज्यादा गलती हिंदुओं की भी है। क्योंकि वे अपने घर की बहन-बेटियों को संभाल नहीं पा रहे हैं। उनके अंदर संस्कार नहीं दे रहे हैं।'
महंत वरुण दास ने फिल्म और टेलीविजन उद्योग के सांस्कृतिक प्रभाव पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, 'टीवी सीरियलों और पिक्चरों के आधार पर वस्त्र निर्माण किए जाते हैं, छोटी-छोटी बच्चियों को कटे हुए वस्त्र पहनाए जाते हैं और एक अश्लीलता का वातावरण तैयार किया जाता है।' उन्होंने कहा कि समाज को इस बारे में जागरूक होने की जरूरत है।
विपक्ष का दृष्टिकोण
पूर्व समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद एसटी हसन ने महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे के बयान — जिसमें उन्होंने आमिर खान की फिल्मों के बहिष्कार की अपील की थी — पर असहमति जताई। हसन ने कहा, 'अगर कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से, आपसी सहमति से, बालिग होने के बाद और कानून के दायरे में रहकर शादी करता है, तो इसमें दूसरों को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।'
एसटी हसन ने यह भी कहा कि आमिर खान की दोनों पूर्व पत्नियाँ उनकी हालिया शादी में खुशी से शामिल हुई थीं और किसी ने भी कभी सार्वजनिक रूप से कोई शिकायत नहीं की। उन्होंने 'लव जिहाद' के आरोपों को व्यक्तिगत पसंद में अनावश्यक हस्तक्षेप बताया।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड से जुड़े अंतर-धार्मिक विवाहों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहसें बार-बार उठती रही हैं। गौरतलब है कि 'लव जिहाद' एक विवादास्पद शब्द है जिसे आलोचक राजनीति से प्रेरित बताते हैं, जबकि इसके समर्थक इसे सामाजिक चिंता का विषय मानते हैं। आमिर खान की ओर से इस विवाद पर अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह बहस आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकती है।