पश्चिम बंगाल में 17 आईएएस अधिकारियों का एकसाथ तबादला, BJP सरकार का बड़ा नौकरशाही पुनर्गठन
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने 22 मई 2026 को एक साथ 17 भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों का तबादला करते हुए राज्य में व्यापक नौकरशाही पुनर्गठन का संकेत दिया है। नबन्ना स्थित राज्य सचिवालय से जारी आदेश के अनुसार, इन तबादलों का उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज में तेज़ी लाना और जिला स्तर पर शासन-व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
प्रमुख नियुक्तियाँ और बदलाव
2010 बैच के आईएएस अधिकारी सुजॉय सरकार को बिधाननगर नगर निगम के आयुक्त पद से हटाकर वस्त्र एवं रेशम विभाग में आयुक्त तथा राज्य सार्वजनिक उपक्रम 'टांटुजा' के प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। उनकी जगह 2017 बैच के रवि अग्रवाल को बिधाननगर नगर निगम का नया आयुक्त बनाया गया है, जो इससे पहले पुरुलिया जिले में एडीएम पद पर कार्यरत थे।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हिंडोल दत्ता को आसनसोल नगर निगम का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं, कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के मौजूदा सीईओ नितिन सिंघानिया को गृह एवं पहाड़ी मामलों के विभाग में वरिष्ठ विशेष सचिव बनाया गया है और उन्हें कई अतिरिक्त ज़िम्मेदारियाँ भी सौंपी गई हैं।
अन्य महत्वपूर्ण तबादले
2016 बैच के शेख अंसार अहमद को मालदा से पश्चिम मिदनापुर का एडीएम बनाया गया है। 2013 बैच के रजत नंदा को कैबिनेट सचिवालय और सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में अतिरिक्त ज़िम्मेदारी दी गई है।
2016 बैच के धीमन बरई को पूर्व बर्दवान से तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग में विशेष सचिव के रूप में स्थानांतरित किया गया है। 2017 बैच की प्रियदर्शिनी को हावड़ा से उपभोक्ता मामले विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।
एडीएम स्तर के अधिकारियों में फेरबदल
इसके अतिरिक्त कई एडीएम स्तर के अधिकारियों को भी नई ज़िम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। इनमें प्रशांत राज शुक्ला, सुमन सौरभ मोहंती, राजेष, लक्ष्मण पेरुमल, सिंजन शेखर, अर्चना वानखेड़े, मंजीत कुमार यादव, सौरव पांडे और एकम सिंह शामिल हैं। इन सभी को अलग-अलग जिलों और विभागों में तैनात किया गया है।
प्रशासनिक पुनर्गठन का संदर्भ
यह फेरबदल ऐसे समय में आया है जब BJP ने पश्चिम बंगाल में सत्ता संभाली है और राज्य के प्रशासनिक ढाँचे को नई सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप ढालने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं। गौरतलब है कि नई सरकारें प्रायः शुरुआती महीनों में इस तरह के व्यापक नौकरशाही बदलाव करती हैं ताकि विश्वसनीय अधिकारियों को प्रमुख पदों पर तैनात किया जा सके। यह तबादला-सूची राज्य प्रशासनिक संरचना में व्यापक पुनर्संयोजन को दर्शाती है और आने वाले हफ्तों में और बदलावों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।