बिहार में 16 आईएएस अधिकारियों का तबादला, 2010-2020 बैच को मिलीं नई जिम्मेदारियाँ
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने 21 जून 2026 की देर शाम भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 16 अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों की आधिकारिक अधिसूचना जारी की। इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल में 2010 से 2020 बैच तक के अधिकारियों को राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों, निगमों और परियोजनाओं में तैनात किया गया है।
वरिष्ठ बैच के अधिकारियों की नई तैनाती
2010 बैच के अधिकारी अनिमेष कुमार पराशर को नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। 2011 बैच के शीर्षत कपिल अशोक को कॉमफेड, पटना का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है, जबकि निलेश रामचंद्र देवरे नगर विकास एवं आवास विभाग के विशेष सचिव के अतिरिक्त प्रभार में बने रहेंगे।
2013 बैच के नवल किशोर चौधरी को बिहार राज्य संचारण कंपनी लिमिटेड, पटना का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। इसी बैच के नवदीप शुक्ला को युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का विशेष सचिव और पवन कुमार सिन्हा को उच्च शिक्षा विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।
2014 और 2015 बैच के अधिकारियों की जिम्मेदारियाँ
2014 बैच के सौरभ जोरवाल को बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि कुमार मंगलम को राजस्व परिषद, बिहार, पटना का सचिव नियुक्त किया गया है। 2015 बैच के प्रशांत कुमार सीएच बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के परियोजना निदेशक के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
युवा बैच के अधिकारियों को मिले अहम पद
2017 बैच के विशाल राज को बिहार राज्य पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। 2019 बैच के स्पर्श गुप्ता को राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना में अपर कार्यपालक निदेशक के रूप में तैनात किया गया है।
गौरतलब है कि इस फेरबदल में 2020 बैच के सबसे अधिक चार अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ मिली हैं। श्रेष्ठ अनुपम को संयुक्त सचिव, वित्त विभाग; अभिषेक पलासिया को संयुक्त सचिव, पथ निर्माण विभाग; प्रदीप सिंह को संयुक्त सचिव, पर्यटन विभाग; और कुमार निशांत विवेक को निदेशक, प्राथमिक शिक्षा, बिहार, पटना बनाया गया है।
अनन्या सिंह को दोहरा प्रभार
इस फेरबदल में अनन्या सिंह को जीविका (ग्रामीण विकास विभाग) में अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में पदस्थापित किया गया है। साथ ही उन्हें आयुक्त मनरेगा का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है, जो ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों की निगरानी की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
आगे क्या
यह प्रशासनिक फेरबदल बिहार सरकार की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती की जा रही है। नवनियुक्त अधिकारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने-अपने विभागों में लंबित परियोजनाओं को गति देंगे।