बिहार में 6 वरिष्ठ IAS अधिकारियों का तबादला, नवादा-कैमूर के DDC को नई जिम्मेदारी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार ने 28 अगस्त 2026 को एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत छह वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी अधिसूचना में नवादा और कैमूर जिलों के उप विकास आयुक्त स्तर के अधिकारियों सहित कई पदों पर नई नियुक्तियाँ की गई हैं। यह फेरबदल राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक ढाँचे में जारी पुनर्गठन की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी
2011 बैच के आईएएस अधिकारी उज्ज्वल कुमार सिंह, जो पशुपालन विभाग में निदेशक के पद पर कार्यरत थे, उन्हें ग्रामीण विकास विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी जगह 2012 बैच के अधिकारी श्रीकांत शास्त्री को पशुपालन विभाग का निदेशक बनाया गया है। शास्त्री इससे पहले बेगूसराय के जिलाधिकारी रह चुके हैं और पिछले सप्ताह ही उनका तबादला हुआ था।
2017 बैच के अधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय, जो सीवान के पूर्व जिलाधिकारी हैं, उन्हें सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में अपर सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, 2018 बैच के नितिन कुमार सिंह को माध्यमिक शिक्षा विभाग का निदेशक बनाया गया है — वे पदस्थापन की प्रतीक्षा में थे।
जिला स्तर के अधिकारियों में बदलाव
2021 बैच की आईएएस अधिकारी नीलिमा साहू, जो नवादा में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) के पद पर थीं, उन्हें स्वास्थ्य विभाग में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। 2022 बैच की दिव्या शक्ति, जो कैमूर की डीडीसी थीं, उन्हें उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग का आयुक्त बनाया गया है। दिव्या शक्ति इससे पहले पटना में भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ संभाल चुकी हैं।
26 अगस्त के BAS तबादलों का संदर्भ
गौरतलब है कि इससे पहले 26 अगस्त को बिहार सरकार ने बिहार प्रशासनिक सेवा (बीएएस) के नौ अधिकारियों का तबादला किया था। उस क्रम में गोपालगंज के वरीय उप समाहर्ता अजय कुमार को भूमि सुधार उप समाहर्ता, दरभंगा बनाया गया। सीतामढ़ी के जिला पंचायती राज पदाधिकारी विशाल को हाजीपुर का अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) नियुक्त किया गया। जहानाबाद के जिला पंचायती राज पदाधिकारी सुजीत कुमार को अरेराज का एसडीओ, रोहतास के वरीय उप समाहर्ता ओम प्रकाश लाल को जगदीशपुर का एसडीओ, और बिक्रमगंज के भूमि सुधार उप समाहर्ता संतोष कुमार को मधुबनी सदर का एसडीओ बनाया गया।
क्या होगा आगे
यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब बिहार सरकार हाल के हफ्तों में लगातार प्रशासनिक पुनर्गठन कर रही है। विश्लेषकों के अनुसार इसे शासन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। नवनियुक्त अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने-अपने विभागों में लंबित योजनाओं को गति देंगे।