पश्चिम बंगाल में BJP सरकार का बड़ा फैसला: उत्तरी बंगाल के चार TMC-संचालित नगर निकाय भंग, उप-विभागीय अधिकारी नियुक्त

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पश्चिम बंगाल में BJP सरकार का बड़ा फैसला: उत्तरी बंगाल के चार TMC-संचालित नगर निकाय भंग, उप-विभागीय अधिकारी नियुक्त

सारांश

BJP की नई पश्चिम बंगाल सरकार ने TMC-संचालित चार नगर निकायों को भंग कर दिया — जो कथित तौर पर 2022 से बिना चुनाव के चल रहे थे। दार्जिलिंग और दक्षिण दिनाजपुर के इन निकायों में अब उप-विभागीय अधिकारी प्रशासन संभालेंगे। यह स्थानीय निकाय शासन में बड़े बदलाव का संकेत है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल नगर निगम विभाग ने 19 मई 2026 को उत्तरी बंगाल के चार TMC-संचालित नगर निकायों के बोर्ड भंग किए।
भंग निकाय: कर्सियोंग नगरपालिका , मिरिक अधिसूचित क्षेत्र प्राधिकरण , कलिम्पोंग नगरपालिका (दार्जिलिंग) और बुनियादपुर नगरपालिका (दक्षिण दिनाजपुर)।
यह निर्णय राज्यपाल आर.एन.
रवि के कार्यालय की सलाह के बाद लिया गया।
कर्सियोंग, मिरिक और कलिम्पोंग में अंतिम चुनाव मई 2017 में हुए थे; बोर्ड कार्यकाल अप्रैल 2022 में समाप्त हुआ था।
बुनियादपुर में अंतिम चुनाव 13 अगस्त 2017 को हुए; बोर्ड सितंबर 2022 में कार्यकाल-समाप्त हो गया था।
नए चुनाव तक चारों निकायों में संबंधित उप-विभागीय अधिकारी प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे।

पश्चिम बंगाल के नगर निगम विभाग ने 19 मई 2026 को उत्तरी बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा संचालित चार शहरी नगर निकायों के बोर्डों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई सरकार ने यह कदम उठाया, जिसमें इन निकायों पर बिना चुनाव कराए वर्षों तक कथित तौर पर अवैध रूप से प्रशासनिक बोर्डों के माध्यम से काम करने के गंभीर आरोप थे।

कौन से चार नगर निकाय भंग किए गए

भंग किए गए चार नगर निकायों में से तीन दार्जिलिंग जिले में हैं — कर्सियोंग नगरपालिका, मिरिक अधिसूचित क्षेत्र प्राधिकरण और कलिम्पोंग नगरपालिका। चौथा निकाय दक्षिण दिनाजपुर जिले में स्थित बुनियादपुर नगरपालिका है। इन सभी में चुनाव के बजाय पूर्व बोर्ड अध्यक्षों को ही प्रशासक बनाए रखा गया था।

राज्यपाल की सलाह पर लिया गया निर्णय

राज्य नगर निगम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय राज्यपाल आर.एन. रवि के कार्यालय से प्राप्त सलाह के आधार पर लिया गया। नए चुनाव संपन्न होने और निर्वाचित बोर्ड सदस्यों के पदभार ग्रहण करने तक इन चारों निकायों का प्रशासनिक नियंत्रण संबंधित उप-विभागीय अधिकारियों को सौंपा गया है।

बुनियादपुर नगरपालिका के प्रशासक के रूप में गंगारामपुर के उप-विभागीय अधिकारी को नियुक्त किया गया है। कर्सियोंग, मिरिक और कलिम्पोंग के उप-विभागीय अधिकारियों को क्रमशः उनके संबंधित नगर निकायों का प्रशासक बनाया गया है।

वर्षों से चुनाव क्यों नहीं हुए

कर्सियोंग, मिरिक और कलिम्पोंग में अंतिम नगर निकाय चुनाव मई 2017 में हुए थे, जिनमें तत्कालीन सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने अपने स्थानीय पहाड़ी सहयोगियों के साथ मिलकर इन तीनों बोर्डों पर नियंत्रण स्थापित किया था। अप्रैल 2022 में इन बोर्डों का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद राज्य सरकार ने नए चुनाव नहीं कराए और बोर्ड अध्यक्षों को ही प्रशासक नियुक्त कर दिया।

इसी प्रकार, बुनियादपुर नगरपालिका में 13 अगस्त 2017 को चुनाव हुए थे। TMC-संचालित बोर्ड का कार्यकाल सितंबर 2022 में समाप्त हो गया, परंतु वहाँ भी चुनाव नहीं हुए और पूर्व अध्यक्ष को ही प्रशासक बनाए रखा गया।

विपक्ष और आलोचकों की प्रतिक्रिया

विपक्षी दलों ने पहले ही आरोप लगाया था कि बोर्ड अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त करने से नगरपालिकाओं की शक्तियाँ प्रभावी रूप से सत्ताधारी दल के हाथों में केंद्रित हो गईं। आलोचकों का कहना है कि चुनाव टालने की यह प्रवृत्ति स्थानीय लोकतंत्र की मूल भावना के विरुद्ध है।

आगे क्या होगा

स्वतंत्रता के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनाने वाली BJP ने कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित ऐसे सभी बोर्डों को चिह्नित कर उन्हें भंग करने और नौकरशाही प्रशासकों की नियुक्ति करने की नीति अपनाई है। अब इन चारों नगर निकायों में नए सिरे से चुनाव कराना नई सरकार की प्राथमिकता सूची में है, हालांकि चुनाव की तिथि अभी घोषित नहीं हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूर्व TMC अध्यक्षों को ही प्रशासक की भूमिका दी गई। नई BJP सरकार का यह कदम लोकतांत्रिक दृष्टि से सही दिशा में है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि नए चुनाव कब और कितनी निष्पक्षता से कराए जाते हैं — अन्यथा प्रशासक-नियुक्ति भी एक और अस्थायी राजनीतिक प्रबंध बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में कौन से चार नगर निकाय भंग किए गए हैं?
भंग किए गए चार नगर निकाय हैं — कर्सियोंग नगरपालिका, मिरिक अधिसूचित क्षेत्र प्राधिकरण और कलिम्पोंग नगरपालिका (दार्जिलिंग जिला), तथा बुनियादपुर नगरपालिका (दक्षिण दिनाजपुर जिला)। ये सभी तृणमूल कांग्रेस द्वारा संचालित थे और 2022 से बिना चुनाव के चल रहे थे।
इन नगर निकायों में चुनाव क्यों नहीं हुए?
कर्सियोंग, मिरिक और कलिम्पोंग के बोर्डों का कार्यकाल अप्रैल 2022 में और बुनियादपुर का सितंबर 2022 में समाप्त हो गया था। तत्कालीन TMC सरकार ने नए चुनाव कराने के बजाय पूर्व बोर्ड अध्यक्षों को ही प्रशासक नियुक्त कर दिया, जिसे विपक्ष ने अवैध और लोकतंत्र-विरोधी करार दिया था।
अब इन नगर निकायों का प्रशासन कौन संभालेगा?
नए चुनाव होने तक चारों निकायों का प्रशासन संबंधित उप-विभागीय अधिकारियों को सौंपा गया है। बुनियादपुर में गंगारामपुर के SDO, तथा कर्सियोंग, मिरिक और कलिम्पोंग में क्रमशः उनके स्थानीय SDO प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे।
यह निर्णय किसकी सलाह पर लिया गया?
राज्य नगर निगम विभाग की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय राज्यपाल आर.एन. रवि के कार्यालय से प्राप्त सलाह के आधार पर लिया गया। BJP की नई राज्य सरकार ने कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित ऐसे बोर्डों को चिह्नित कर भंग करने की नीति अपनाई है।
क्या पश्चिम बंगाल में BJP की यह पहली सरकार है?
हाँ, स्वतंत्रता के बाद पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनाई है। इसी सरकार ने TMC-संचालित नगर निकायों को भंग कर नौकरशाही प्रशासकों की नियुक्ति का यह निर्णय लिया है।
राष्ट्र प्रेस
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