हिंदी में 'एजेंटफोर्स वॉयस' लॉन्च: सेल्सफोर्स ने भारत में बहुभाषी एआई का नया अध्याय खोला

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हिंदी में 'एजेंटफोर्स वॉयस' लॉन्च: सेल्सफोर्स ने भारत में बहुभाषी एआई का नया अध्याय खोला

सारांश

सेल्सफोर्स ने मुंबई में हिंदी 'एजेंटफोर्स वॉयस' लॉन्च कर भारत के बहुभाषी एआई बाज़ार में बड़ा दाँव लगाया है। टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुँच और 'म्यूलसॉफ्ट ऑन हाइपरफोर्स' की घोषणा के साथ, कंपनी का लक्ष्य भारत को स्थानीय भाषाओं में एआई-संचालित डिजिटल अनुभव देना है।

मुख्य बातें

सेल्सफोर्स ने 19 मई 2026 को मुंबई में हिंदी ' एजेंटफोर्स वॉयस ' लॉन्च करने की घोषणा की।
यह सुविधा प्राकृतिक हिंदी और हिंग्लिश बातचीत को सपोर्ट करती है, जिससे टियर-2 और टियर-3 शहरों तक एआई की पहुँच बढ़ेगी।
सेल्सफोर्स साउथ एशिया की सीईओ अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा कि भारत में एआई का अगला अध्याय लोगों की अपनी भाषाओं में बोला जाएगा।
कंपनी ने भारत में ' म्यूलसॉफ्ट ऑन हाइपरफोर्स ' की आगामी उपलब्धता की भी घोषणा की, जो स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर पर एआई वर्कफ्लो सक्षम करेगी।
यह समाधान एजेंटफोर्स प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जो संवादात्मक एआई, उद्यम डेटा और वर्कफ्लो को सुरक्षा नियंत्रणों के साथ जोड़ता है।

वैश्विक टेक कंपनी सेल्सफोर्स ने मंगलवार, 19 मई 2026 को मुंबई में आयोजित 'एजेंटफोर्स वर्ल्ड टूर मुंबई 2026' कार्यक्रम के दौरान हिंदी में 'एजेंटफोर्स वॉयस' लॉन्च करने की घोषणा की। इस नई सुविधा का उद्देश्य भारतीय कंपनियों को प्राकृतिक हिंदी और हिंग्लिश में एआई-आधारित ग्राहक अनुभव प्रदान करने में सक्षम बनाना है। सेल्सफोर्स साउथ एशिया की प्रेसिडेंट और सीईओ अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा कि भारत में एआई का अगला अध्याय सिर्फ कोडिंग की भाषा में नहीं, बल्कि यहाँ के लोगों की अपनी भाषाओं में बोला जाएगा।

एजेंटफोर्स वॉयस: क्या है यह नई सुविधा

कंपनी के अनुसार, 'एजेंटफोर्स वॉयस' को प्राकृतिक हिंदी और हिंग्लिश बातचीत को सपोर्ट करने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। यह समाधान एजेंटफोर्स प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जो संवादात्मक एआई, उद्यम डेटा और वर्कफ्लो को निर्धारित सुरक्षा उपायों और नियंत्रणों के साथ एकीकृत करता है। इससे कंपनियाँ सुरक्षित, सुसंगत और नीति-अनुरूप ग्राहक अनुभव सुनिश्चित कर सकेंगी।

भट्टाचार्य ने कहा, 'भारत जैसे बड़े देश में एआई का वास्तविक प्रभाव तभी संभव है, जब यह संवादात्मक, समावेशी और स्थानीय संदर्भों के अनुरूप हो। आवाज़ अब डिजिटल भागीदारी का सबसे स्वाभाविक माध्यम बन रही है, खासकर भारत में, जहाँ लाखों उपयोगकर्ता सीधे मोबाइल और आवाज़-आधारित अनुभवों की ओर बढ़ रहे हैं।'

टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुँच का लक्ष्य

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारत में, विशेष रूप से गैर-अंग्रेजी भाषाओं को प्राथमिकता देने वाले उपयोगकर्ताओं के बीच, वॉयस टेक्नोलॉजी डिजिटल भागीदारी का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनती जा रही है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की तेज़ी से बढ़ती संख्या को देखते हुए, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में एआई समाधान कारोबारी पहुँच को काफी विस्तृत कर सकते हैं।

भट्टाचार्य ने कहा, 'एजेंटफोर्स में हिंदी आवाज़ क्षमताओं के ज़रिए हम कंपनियों को ऐसे एआई-आधारित ग्राहक अनुभव तैयार करने में मदद कर रहे हैं, जो केवल शब्द ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक समझ, इरादों और भरोसे को भी समझ सके।'

म्यूलसॉफ्ट ऑन हाइपरफोर्स की भी घोषणा

सेल्सफोर्स ने इस कार्यक्रम में भारत में 'म्यूलसॉफ्ट ऑन हाइपरफोर्स' की आगामी उपलब्धता की भी घोषणा की। इस सुविधा से संगठनों को स्थानीय स्तर पर होस्ट किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर पर इंटीग्रेशन, एपीआई और एआई-संचालित वर्कफ्लो लागू करने में सहायता मिलेगी।

भट्टाचार्य ने कहा, 'भारत असाधारण महत्वाकांक्षा वाला देश है और लंबे समय तक पुरानी प्रणालियों को नवाचार में बाधा माना जाता रहा है। क्लाउड इस सोच को बदल रहा है, क्योंकि यह कंपनियों को सुरक्षित, विस्तार योग्य और लचीला आधार देता है।' उन्होंने यह भी कहा कि यह ढाँचा विशेष रूप से विनियमित क्षेत्रों की संस्थाओं के लिए उपयोगी होगा, जो आत्मविश्वास के साथ क्लाउड की ओर बढ़ना चाहती हैं।

आगे क्या

गौरतलब है कि भारत में बहुभाषी एआई की माँग तेज़ी से बढ़ रही है और सेल्सफोर्स का यह कदम उस दिशा में एक ठोस प्रयास है। विशेषज्ञों का मानना है कि हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में एआई समाधानों की उपलब्धता न केवल व्यापारिक दक्षता बढ़ाएगी, बल्कि डिजिटल समावेश को भी गति देगी। आने वाले समय में सेल्सफोर्स के अन्य भारतीय भाषाओं में विस्तार की भी उम्मीद की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि हिंदी और हिंग्लिश की भाषाई जटिलताओं — जैसे बोलियाँ, उच्चारण भिन्नता और संदर्भ-निर्भर अर्थ — को यह प्लेटफॉर्म कितनी सटीकता से संभाल पाता है। भारत में वॉयस एआई की दौड़ में अब कई वैश्विक और घरेलू खिलाड़ी हैं, और केवल हिंदी तक सीमित रहना दीर्घकालिक रणनीति नहीं हो सकती जब देश में 22 से अधिक अनुसूचित भाषाएँ हैं। 'म्यूलसॉफ्ट ऑन हाइपरफोर्स' की घोषणा विनियमित क्षेत्रों के लिए प्रासंगिक है, परंतु इसकी समयसीमा और मूल्य-निर्धारण अभी स्पष्ट नहीं है। बिना इन विवरणों के, यह घोषणा बाज़ार में उत्साह तो जगाती है, पर ठोस प्रभाव का आकलन करना अभी जल्दबाज़ी होगी।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेल्सफोर्स का 'एजेंटफोर्स वॉयस' हिंदी में क्या है?
'एजेंटफोर्स वॉयस' सेल्सफोर्स की एक नई सुविधा है जो भारतीय कंपनियों को प्राकृतिक हिंदी और हिंग्लिश में एआई-आधारित ग्राहक संवाद करने में सक्षम बनाती है। यह एजेंटफोर्स प्लेटफॉर्म पर आधारित है और सुरक्षित, नीति-अनुरूप ग्राहक अनुभव सुनिश्चित करती है।
यह घोषणा कब और कहाँ की गई?
यह घोषणा 19 मई 2026 को मुंबई में आयोजित 'एजेंटफोर्स वर्ल्ड टूर मुंबई 2026' कार्यक्रम के दौरान की गई। सेल्सफोर्स साउथ एशिया की सीईओ अरुंधति भट्टाचार्य ने इसकी जानकारी दी।
इस सुविधा से भारत के किन उपयोगकर्ताओं को फायदा होगा?
इस सुविधा से विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों के उन उपयोगकर्ताओं को लाभ होगा जो हिंदी या हिंग्लिश में संवाद करना पसंद करते हैं। कंपनियाँ इन बाज़ारों में अधिक सहज और समावेशी तरीके से ग्राहकों से जुड़ सकेंगी।
म्यूलसॉफ्ट ऑन हाइपरफोर्स क्या है और भारत में इसका क्या महत्व है?
'म्यूलसॉफ्ट ऑन हाइपरफोर्स' एक इंटीग्रेशन प्लेटफॉर्म है जो संगठनों को स्थानीय स्तर पर होस्ट किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर पर एपीआई और एआई-संचालित वर्कफ्लो लागू करने में मदद करता है। भारत में इसकी उपलब्धता विशेष रूप से बैंकिंग, बीमा जैसे विनियमित क्षेत्रों के लिए उपयोगी होगी जो डेटा स्थानीयकरण की आवश्यकताओं का पालन करते हैं।
भारत में बहुभाषी एआई का बाज़ार कितना बड़ा है?
भारत में गैर-अंग्रेजी भाषाओं को प्राथमिकता देने वाले इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है, और वॉयस टेक्नोलॉजी डिजिटल भागीदारी का प्रमुख माध्यम बन रही है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में मोबाइल-प्रथम उपयोगकर्ताओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए, बहुभाषी एआई समाधानों की माँग आने वाले वर्षों में काफी बढ़ने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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