21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केरल हाई कोर्ट ने CMRL-ED जांच को दी हरी झंडी, BJP नेता शॉन जॉर्ज बोले — 'कानूनी व्यवस्था अखंडनीय'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केरल हाई कोर्ट ने CMRL-ED जांच को दी हरी झंडी, BJP नेता शॉन जॉर्ज बोले — 'कानूनी व्यवस्था अखंडनीय'

सारांश

केरल उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने CMRL की अपील खारिज कर ED को जांच जारी रखने का अधिकार दिया। BJP नेता शॉन जॉर्ज ने इसे भारतीय न्यायपालिका की अखंडता का प्रमाण बताया। मामला पूर्व CM पी. विजयन की पुत्री वीना विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक से जुड़े कथित भुगतानों से संबंधित है।

मुख्य बातें

केरल उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने 5 जून 2026 को CMRL की अपील खारिज कर ED को जांच जारी रखने का अधिकार बरकरार रखा।
अदालत ने CMRL की दो सप्ताह की स्टे याचिका भी अस्वीकार की, जो सर्वोच्च न्यायालय में अपील के लिए माँगी गई थी।
मामला वीना विजयन की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक द्वारा CMRL से कथित अनियमित भुगतान प्राप्त करने से जुड़ा है।
BJP नेता शॉन जॉर्ज ने CMRL पर फर्जी GST चालान और अनुचित लाभ के आरोप लगाए।
जॉर्ज के अनुसार, राज्य सरकार चाहे तो इस मामले में स्वयं प्राथमिकी दर्ज करा सकती है।

केरल उच्च न्यायालय ने 5 जून 2026 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) को कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े कथित मासिक भुगतान मामले में जांच जारी रखने का अधिकार बरकरार रखा, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता शॉन जॉर्ज ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय सिद्ध करता है कि भारतीय न्यायिक प्रणाली को किसी भी दबाव में नहीं झुकाया जा सकता। अदालत की डिवीजन बेंच ने CMRL की वह अपील खारिज कर दी, जिसमें ED की जांच को चुनौती दी गई थी।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद वीना विजयन की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक द्वारा CMRL से कथित तौर पर प्राप्त अनियमित भुगतानों से जुड़ा है। वीना विजयन केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पी. विजयन की पुत्री हैं और बेपोर से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI-M] के विधायक तथा पूर्व राज्य मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास की पत्नी हैं। गौरतलब है कि CMRL एक ऐसी कंपनी है जिसमें केरल राज्य सरकार की भी हिस्सेदारी है।

अदालत का निर्णय

डिवीजन बेंच ने न केवल CMRL की मुख्य अपील खारिज की, बल्कि कंपनी की उस याचिका को भी अस्वीकार कर दिया जिसमें सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने के लिए आदेश पर दो सप्ताह की रोक माँगी गई थी। इस प्रकार ED को जांच आगे बढ़ाने का पूर्ण अधिकार मिल गया है।

BJP का रुख और आरोप

शॉन जॉर्ज ने कहा कि जांच एजेंसी को इस मामले में नए साक्ष्य जुटाने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस नेता मैथ्यू कुझलनादन द्वारा उठाया गया मामला और उनके द्वारा संचालित मामला अपनी प्रकृति में भिन्न हैं। जॉर्ज के अनुसार, CMRL द्वारा जीएसटी भुगतान के लिए प्रस्तुत किए गए चालान फर्जी थे और उन सेवाओं से संबंधित थे जो वास्तव में प्रदान ही नहीं की गई थीं।

BJP नेता ने दावा किया कि वीना विजयन इस पूरे प्रकरण में केवल एक मध्यस्थ की भूमिका में थीं और अंतिम जिम्मेदारी किसी और की है। उन्होंने CMRL द्वारा किए गए भुगतानों को 'अनुचित लाभ' और 'भाई-भतीजावाद' के समतुल्य बताया। जॉर्ज ने यह भी कहा कि राज्य सरकार चाहे तो इस मामले में स्वयं भी प्राथमिकी दर्ज करा सकती है।

राजनीतिक संदर्भ

यह मामला ऐसे समय में उभरा है जब केरल में सत्तारूढ़ CPI-M के नेतृत्व वाली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार पर विपक्ष का दबाव लगातार बढ़ रहा है। आलोचकों का कहना है कि राज्य सरकार की हिस्सेदारी वाली कंपनी में कथित अनियमितताएं सुशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े करती हैं।

आगे की राह

उच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद ED अब CMRL-एक्सालॉजिक भुगतान मामले में जांच को विस्तार दे सकती है। CMRL के पास अब सर्वोच्च न्यायालय में अपील का विकल्प शेष है, हालांकि स्टे याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। इस पूरे प्रकरण का राजनीतिक असर केरल की आगामी विधानसभा राजनीति पर भी पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली राजनीतिक परीक्षा अभी बाकी है — क्या ED की जांच वास्तविक जवाबदेही तक पहुँचेगी या प्रक्रियागत अपीलों में उलझकर रह जाएगी? CMRL में राज्य सरकार की हिस्सेदारी इस मामले को सामान्य कॉर्पोरेट विवाद से अलग करती है, क्योंकि सार्वजनिक धन और राजनीतिक संबंध दोनों एक साथ दांव पर हैं। BJP के आरोप राजनीतिक रूप से सुविधाजनक समय पर आए हैं, लेकिन अदालत का स्वतंत्र निर्णय उन्हें महज़ विपक्षी बयानबाजी तक सीमित नहीं रहने देता।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल हाई कोर्ट ने CMRL-ED मामले में क्या फैसला सुनाया?
केरल उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने 5 जून 2026 को CMRL की वह अपील खारिज कर दी जिसमें ED की जांच को चुनौती दी गई थी, और एजेंसी को जांच आगे बढ़ाने का पूर्ण अधिकार बरकरार रखा। अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील के लिए माँगी गई दो सप्ताह की स्टे याचिका भी अस्वीकार कर दी।
CMRL और वीना विजयन का मामला क्या है?
यह मामला वीना विजयन की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक द्वारा CMRL से कथित तौर पर प्राप्त अनियमित मासिक भुगतानों से जुड़ा है। वीना विजयन केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पी. विजयन की पुत्री और CPI-M विधायक पी.ए. मोहम्मद रियास की पत्नी हैं।
BJP नेता शॉन जॉर्ज ने इस फैसले पर क्या कहा?
BJP नेता शॉन जॉर्ज ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह साबित करता है कि भारतीय कानूनी व्यवस्था को खरीदा नहीं जा सकता। उन्होंने CMRL पर फर्जी GST चालान और अनुचित लाभ के आरोप भी लगाए और कहा कि राज्य सरकार चाहे तो स्वयं भी मामला दर्ज कर सकती है।
CMRL में राज्य सरकार की क्या भूमिका है?
कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) एक ऐसी कंपनी है जिसमें केरल राज्य सरकार की हिस्सेदारी है। इसी कारण BJP सहित विपक्षी दल इस मामले को राज्य सरकार की जवाबदेही से जोड़कर देख रहे हैं।
CMRL के पास अब क्या कानूनी विकल्प बचे हैं?
उच्च न्यायालय की स्टे याचिका खारिज होने के बाद CMRL के पास सर्वोच्च न्यायालय में अपील का विकल्प शेष है। हालांकि, तब तक ED की जांच बिना किसी रोक के जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 9 महीने पहले