केरल हाई कोर्ट ने सीएमआरएल की अपील खारिज की, पीएमएलए के तहत ईडी जांच को मिली हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
केरल हाई कोर्ट ने 5 जून 2026 को कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और उसके अधिकारियों की अपील खारिज करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच और कार्रवाई को जारी रखने की अनुमति दे दी। सार्वजनिक धन के कथित गबन से जुड़े इस मामले में अदालत ने स्पष्ट किया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ईडी की शक्तियाँ किसी पूर्व एफआईआर की अनिवार्यता से बाधित नहीं होतीं।
मामले की पृष्ठभूमि
सीएमआरएल ने हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें ईडी की कार्रवाई रद्द करने की उसकी माँग ठुकरा दी गई थी। कंपनी का तर्क था कि चूँकि अनुसूचित अपराध के संदर्भ में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और न ही कोई शिकायत दाखिल की गई है, इसलिए ईडी की कार्रवाई कानूनी रूप से अमान्य है।
डिवीजन बेंच का फैसला
जस्टिस राजा विजयराघवन वी. और जस्टिस के.वी. जयकुमार की डिवीजन बेंच ने सिंगल जज के फैसले को बरकरार रखा। बेंच ने कहा कि ईडी को पीएमएलए के तहत कार्रवाई करने से केवल इस आधार पर नहीं रोका जा सकता कि संबंधित अनुसूचित अपराध में एफआईआर या शिकायत अभी दर्ज नहीं हुई है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) कोई वैधानिक दस्तावेज नहीं है और कानून में इसकी स्थिति एफआईआर के समान नहीं है। अतः केवल ईसीआईआर को रद्द करने की माँग के आधार पर ईडी की जांच नहीं रोकी जा सकती।
पीएमएलए की व्याख्या
कोर्ट ने रेखांकित किया कि अनुसूचित अपराध से जुड़ी एफआईआर या शिकायत का पूर्व में दर्ज होना केवल पीएमएलए की धारा 3 के तहत आपराधिक अभियोजन के लिए आवश्यक है। संपत्तियों की अस्थायी कुर्की, जांच या अन्य सिविल प्रकृति की कार्रवाई के लिए ऐसी पूर्व शर्त लागू नहीं होती। गौरतलब है कि अदालत ने यह भी माना कि यदि ईसीआईआर दर्ज न हो, तब भी ईडी को पीएमएलए की धारा 50 के तहत जांच संबंधी शक्तियों का उपयोग करने का अधिकार है।
आगे क्या होगा
इस फैसले के बाद ईडी अब सीएमआरएल के खिलाफ सार्वजनिक धन के कथित गबन की जांच बिना किसी कानूनी अवरोध के जारी रख सकती है। यह निर्णय उन मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल बनता है जहाँ संबंधित अनुसूचित अपराध में प्राथमिकी दर्ज होने से पहले ही ईडी की कार्रवाई शुरू हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला ईडी की जांच शक्तियों के दायरे को और व्यापक रूप से परिभाषित करता है।