बॉम्बे हाई कोर्ट ने समीर वानखेड़े मामले की सुनवाई 24 मार्च तक टाली
सारांश
Key Takeaways
- समीर वानखेड़े पर रिश्वत मांगने का आरोप।
- कोर्ट ने सुनवाई को 24 मार्च तक टाला।
- वानखेड़े ने सभी आरोपों को किया खारिज।
- सीबीआई ने अब तक पेश नहीं किया ठोस सबूत।
- मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई निर्धारित की।
मुंबई, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बॉम्बे हाई कोर्ट में सोमवार को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अधिकारी समीर वानखेड़े से जुड़े एफआईआर के रद्द करने के मामले पर सुनवाई हुई। यह मामला उस आरोप से संबंधित है जिसमें वानखेड़े पर सुपरस्टार शाहरुख खान से रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है।
सुनवाई के दौरान समीर वानखेड़े ने सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग केस में शाहरुख खान या किसी और से कोई रिश्वत नहीं मांगी। इसी केस में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया था।
वानखेड़े के पक्ष में वरिष्ठ वकील आबाद पोंडा ने कोर्ट में अपनी दलीलें पेश कीं। उन्होंने चीफ जस्टिस चंद्रशेखर और जस्टिस सुमन श्याम की डिवीजन बेंच के सामने संक्षिप्त तर्क दिए।
पोंडा ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल ने न तो कभी किसी से पैसे की मांग की है और न ही कोई रकम ली है, जैसा कि सीबीआई ने अपनी एफआईआर में आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत दर्ज इस मामले में अब तक कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है।
सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, समीर वानखेड़े पर आरोप है कि उन्होंने शाहरुख खान से लगभग 25 करोड़ रुपए की मांग की थी ताकि उनके बेटे आर्यन खान को क्लीन चिट दी जा सके। सुनवाई के दौरान वानखेड़े के वकील ने कहा कि जांच एजेंसी यह साबित नहीं कर पाई है कि वानखेड़े का इस कथित लेन-देन से कोई संबंध है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी निजी व्यक्ति ने पैसे लिए हैं, तो उसका वानखेड़े से कोई लेना-देना नहीं है।
हालांकि, जब आबाद पोंडा अपनी दलीलें दे रहे थे, तब चीफ जस्टिस चंद्रशेखर ने मामले की सुनवाई को आगे बढ़ाते हुए इसे कल, यानी 24 मार्च तक के लिए टाल दिया।
अब इस मामले में आगे की सुनवाई 24 मार्च को होगी, जहां कोर्ट इस केस में अगली कार्रवाई तय कर सकता है।