क्या समीर वानखेड़े ने मानहानि केस में सही कहा, 'अगर आप डिपार्टमेंट का मजाक उड़ाएंगे तो कौन राष्ट्र के लिए लड़ेगा?'
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, ११ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े ने दिल्ली हाईकोर्ट में वेब सीरीज 'बैड्स ऑफ बॉलीवुड' के खिलाफ एक याचिका दायर की थी। उन्होंने अभिनेता शाहरुख खान और गौरी खान की कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट, ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स और अन्य के खिलाफ २ करोड़ रुपए की मानहानि का दावा करते हुए याचिका दाखिल की थी।
इस मामले पर चर्चा करते हुए समीर वानखेड़े ने राष्ट्र प्रेस के साथ एक विशेष इंटरव्यू में कहा कि अगर लोग डिपार्टमेंट का मजाक उड़ाएंगे तो कौन राष्ट्र के लिए लड़ेगा? इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, लेकिन वह डरने वाले या पीछे हटने वाले नहीं हैं।
वानखेड़े ने कहा, “मैं या अन्य अधिकारी राष्ट्र की सेवा में लगे हैं, आप उनका अपमान नहीं कर सकते। अगर आपको मजाक करना है तो अपने साथ कीजिए, अपने परिवार के साथ कीजिए, लेकिन जो लोग राष्ट्र के लिए बलिदान देते हैं, उनका आप मजाक नहीं उड़ा सकते। अगर आप ऐसा करेंगे, तो कौन राष्ट्र के लिए लड़ेगा, तो कौन सा बच्चा पुलिस में आएगा? जो भी लोग यूपीएससी क्रैक कर यहां आते हैं, उनके दिलों में सत्यमेव जयते बसता है। लोगों के दिलों में इसके प्रति काफी इज्जत है, तो आप इसका मजाक नहीं उड़ा सकते।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरे परिवार का इससे कोई लेना देना नहीं है। उन्हें अलग-अलग फैंस क्लब जो यूएई, पाकिस्तान और बांग्लादेश में हैं, वहां से धमकियां मिल रही हैं। उन्हें क्यों इसमें घसीटा जा रहा है? मैं सत्य के लिए लडूंगा और मुझे पूर्ण विश्वास है अपनी न्याय व्यवस्था पर, मुझे जरूर न्याय मिलेगा। मैंने १९ साल तक देश के लिए लड़ा हूं और आगे भी लड़ता रहूंगा।”
बता दें कि इस मानहानि केस की सुनवाई दिल्ली उच्च न्यायालय में चल रही है। पिछली सुनवाई में उच्च न्यायालय ने रेड चिलीज एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को समन जारी कर उन्हें अपना पक्ष रखने का आदेश दिया था। यह मुकदमा ८ अक्टूबर २०२५ को दायर किया गया था।
समीर वानखेड़े ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि वेब सीरीज 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' की वजह से उन्हें और उनके परिवार की प्रतिष्ठा, गरिमा और सार्वजनिक छवि को गंभीर रूप से क्षति पहुंची है। इसकी वजह से उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल भी किया गया। इस मामले की अगली सुनवाई अब ३० अक्टूबर को होगी।
इस मुकदमे में रेड चिलीज एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, नेटफ्लिक्स, एक्स कॉर्प (पूर्व में ट्विटर), गूगल एलएलसी, मेटा प्लेटफॉर्म्स, आरपीजी लाइफस्टाइल मीडिया प्राइवेट लिमिटेड और जॉन डो को प्रतिवादी बनाया गया है।