राजा रघुवंशी हत्याकांड: मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को 10 महीने बाद मिली जमानत, मौलिक अधिकार उल्लंघन बना आधार

Click to start listening
राजा रघुवंशी हत्याकांड: मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को 10 महीने बाद मिली जमानत, मौलिक अधिकार उल्लंघन बना आधार

सारांश

राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को 10 महीने बाद जमानत मिली — वजह थी गिरफ्तारी के समय संविधान के अनुच्छेद 22(1) का उल्लंघन। ईस्ट खासी हिल्स अदालत ने माना कि आरोपी को गिरफ्तारी के आधार स्पष्ट नहीं बताए गए, जो उसके मौलिक अधिकारों पर सीधा प्रहार था।

Key Takeaways

  • ईस्ट खासी हिल्स जिला न्यायालय ने 28 अप्रैल 2026 को सोनम रघुवंशी को 10 महीने की हिरासत के बाद जमानत दी।
  • अदालत ने माना कि 9 जून 2025 को गिरफ्तारी के समय संविधान के अनुच्छेद 22(1) का उल्लंघन हुआ — आरोपी को धाराएँ स्पष्ट नहीं बताई गईं।
  • 90 गवाहों में से केवल 4 की गवाही हो पाई है, जिससे ट्रायल में भारी देरी स्पष्ट है।
  • जमानत की शर्तों में ₹50,000 का निजी बॉन्ड, दो जमानतदार, हर सुनवाई में उपस्थिति और कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर न जाना शामिल है।
  • मामले में कुल 5 आरोपी हैं — सोनम रघुवंशी, राज कुशवाहा, विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी — सभी ने आरोपों से इनकार किया है।

ईस्ट खासी हिल्स जिला न्यायालय ने 28 अप्रैल 2026 को मध्य प्रदेश के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि 9 जून 2025 को गिरफ्तारी के समय सोनम को संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत उसके खिलाफ लगाई गई धाराओं की सही और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी, जो उसके मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। इस प्रकार लगभग दस महीने की न्यायिक हिरासत के बाद सोनम को राहत मिली है।

मामले की पृष्ठभूमि

मध्य प्रदेश के व्यापारी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी 21 मई 2025 को हनीमून के लिए शिलांग गए थे। 26 मई 2025 को दोनों सोहरा घूमने गए, जहाँ से दोनों लापता हो गए। पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब एक सप्ताह बाद 2 जून 2025 को राजा का शव सोहरा के प्रसिद्ध वेई सादोंग फॉल्स के निकट एक गहरी खाई में मिला।

इस हत्याकांड में सोनम रघुवंशी के अलावा राज कुशवाहा, विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी पर आरोप हैं। हालाँकि इन सभी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। सोनम को 9 जून 2025 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था और तब से वह शिलांग की जेल में बंद थीं।

चार्जशीट और ट्रायल की स्थिति

जाँच एजेंसियों ने 5 सितंबर 2025 को इस मामले में चार्जशीट दाखिल की और फरवरी 2026 में सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी पेश की गई। गौरतलब है कि इतने लंबे समय के बावजूद मुकदमे की सुनवाई अत्यंत धीमी रही है। 90 गवाहों में से अब तक केवल 4 की गवाही हो पाई है, जिससे ट्रायल में व्यापक देरी स्पष्ट रूप से उजागर होती है।

बचाव पक्ष की दलीलें और अदालत का फैसला

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने जोरदार दलील दी कि गिरफ्तारी के समय सोनम को यह नहीं बताया गया कि उसे किन धाराओं के अंतर्गत गिरफ्तार किया जा रहा है। वकील ने तर्क दिया कि यह संविधान के अनुच्छेद 22(1) का सीधा उल्लंघन है, जो प्रत्येक गिरफ्तार व्यक्ति को उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जानकारी पाने का मौलिक अधिकार देता है। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि बिना ट्रायल के लंबे समय तक हिरासत में रखना न्याय के बुनियादी सिद्धांतों के विरुद्ध है।

सरकारी पक्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपी को गिरफ्तारी की जानकारी दी गई थी और यह उसकी चौथी जमानत अर्जी है, इसलिए इस प्रकार की दलील अब उचित नहीं है। अदालत ने दस्तावेजों की जाँच के बाद पाया कि गिरफ्तारी से जुड़े कागजात में कई गड़बड़ियाँ हैं — विशेष रूप से जिन धाराओं में केस दर्ज हुआ था, उनका उल्लेख आरोपी को स्पष्ट रूप से नहीं किया गया था और

Point of View

फिर भी जमीनी स्तर पर पालन कमज़ोर रहता है। 90 गवाहों में से केवल 4 की गवाही दस महीनों में — यह आँकड़ा अदालतों पर बोझ और विचाराधीन कैदियों के साथ न्याय की रफ्तार पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जमानत मिलना दोषमुक्ति नहीं है, लेकिन यह मामला याद दिलाता है कि प्रक्रियागत चूक अंततः न्याय की दिशा बदल सकती है।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

सोनम रघुवंशी को जमानत क्यों मिली?
ईस्ट खासी हिल्स जिला न्यायालय ने पाया कि 9 जून 2025 को गिरफ्तारी के समय सोनम को संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत उसके खिलाफ लगाई गई धाराओं और गिरफ्तारी के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी। अदालत ने इसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए जमानत दी।
राजा रघुवंशी हत्याकांड क्या है?
मध्य प्रदेश के व्यापारी राजा रघुवंशी की हत्या का यह मामला मई 2025 का है, जब वे अपनी पत्नी सोनम के साथ शिलांग हनीमून पर गए थे। 2 जून 2025 को राजा का शव सोहरा के वेई सादोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई में मिला था। इस मामले में सोनम सहित 5 लोगों पर आरोप हैं।
जमानत पर रिहाई के लिए सोनम को क्या शर्तें माननी होंगी?
अदालत ने ₹50,000 का निजी बॉन्ड और दो जमानतदार देने की शर्त रखी है। इसके अलावा सोनम को हर सुनवाई में कोर्ट में उपस्थित होना होगा, सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करनी होगी और बिना अनुमति कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं जाना होगा।
इस मामले में ट्रायल कितना आगे बढ़ा है?
जाँच एजेंसियों ने 5 सितंबर 2025 को चार्जशीट और फरवरी 2026 में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। हालाँकि 90 गवाहों में से अब तक केवल 4 की गवाही हो पाई है, जो ट्रायल में गंभीर देरी को दर्शाता है।
इस मामले में कुल कितने आरोपी हैं?
इस हत्याकांड में कुल 5 आरोपी हैं — सोनम रघुवंशी, राज कुशवाहा, विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी। इन सभी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है।
Nation Press