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प्रशांत किशोर को एनसीपी रणनीतिकार बनाए जाने की खबर से अनजान हैं सुनील तटकरे

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प्रशांत किशोर को एनसीपी रणनीतिकार बनाए जाने की खबर से अनजान हैं सुनील तटकरे

सारांश

एनसीपी के महाराष्ट्र अध्यक्ष सुनील तटकरे ने प्रशांत किशोर की संभावित नियुक्ति से अनजान होने की बात कही — जबकि कृषि मंत्री भरणे ने किशोर को पहले से सलाहकार बताया। पार्टी के भीतर दो अलग-अलग आवाज़ें इस मुद्दे पर अनिश्चितता को और गहरा करती हैं।

मुख्य बातें

सुनील तटकरे ने 7 अगस्त को कहा कि उन्हें प्रशांत किशोर को एनसीपी का रणनीतिकार बनाए जाने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।
प्रशांत किशोर , सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार के बीच छह घंटे की बैठक हुई — यह पिछले दो महीनों में तीसरी ऐसी बैठक थी।
बैठक में कथित तौर पर एनसीपी की राज्य इकाई में संगठनात्मक बदलाव और नेतृत्व फेरबदल पर चर्चा हुई।
कृषि मंत्री दत्तामामा भरणे ने दावा किया कि किशोर पहले से ही पार्टी के सलाहकार हैं — तटकरे के बयान से विरोधाभास।
तटकरे ने कहा कि भाजपा की आपत्तियाँ किशोर की नियुक्ति पर "जायज" हो सकती हैं।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने 7 अगस्त को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि उन्हें जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर को एनसीपी का राजनीतिक रणनीतिकार नियुक्त किए जाने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने उन्हें राज्य नेतृत्व में किसी भी बदलाव के बारे में कोई सूचना नहीं दी है।

छह घंटे की मैराथन बैठक का संदर्भ

तटकरे की यह टिप्पणी प्रशांत किशोर, सुनेत्रा पवार और राज्यसभा सांसद पार्थ पवार के बीच हुई छह घंटे लंबी बैठक की पृष्ठभूमि में आई है। कथित तौर पर इस बैठक में किशोर ने पार्टी की राज्य इकाई में संगठनात्मक बदलाव की वकालत की, जिसमें राज्य नेतृत्व में फेरबदल भी शामिल था। यह पिछले दो महीनों में सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार के साथ किशोर की तीसरी बैठक थी, जिसे भविष्य में उनकी रणनीतिकार के रूप में संभावित भूमिका को अंतिम रूप देने की दिशा में कदम माना जा रहा है।

तटकरे ने बैठक पर सीधी टिप्पणी करने से परहेज करते हुए कहा, "मैं पीके और सुनेत्रा पवार की मुलाकात पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। आज मैं हमारी नेता सुनेत्रा पवार से मिला, जहाँ मुझे उनकी मुलाकात के बारे में बताया गया। मुझे नहीं लगता कि उस बैठक में किसी संगठनात्मक या राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा हुई थी।"

तटकरे का जमीनी राजनीति पर जोर

तटकरे ने 40 वर्षों से अधिक के अपने राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए रणनीतिकारों पर निर्भरता को लेकर अप्रत्यक्ष संदेह जताया। उन्होंने कहा, "मैंने व्यावहारिक राजनीति में 40 साल से ज़्यादा समय बिताया है। मैं थ्योरी से ज़्यादा प्रैक्टिकल चीजों पर ध्यान देता हूँ। कम से कम अपने निर्वाचन क्षेत्र में तो मैं रणनीतिकारों पर निर्भर नहीं रहता।"

उन्होंने वसंतदादा पाटिल, ए.आर. अंतुले, विलासराव देशमुख और शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ काम करने का अनुभव साझा करते हुए कहा, "ये सभी नेता जमीनी स्तर की राजनीति से आए हैं। मैंने खुद कम से कम आठ बार पूरे राज्य का दौरा किया है और तहसील-स्तर के नेता से यहाँ तक पहुँचा हूँ। चुनाव हारने वाले किसी भी सूत्र की तुलना में मेरी जड़ें ज़्यादा मायने रखती हैं।"

भाजपा की संभावित आपत्ति पर प्रतिक्रिया

जब तटकरे से पूछा गया कि क्या भारतीय जनता पार्टी (BJP) — जो एनसीपी की सहयोगी है — किशोर जैसे नेता को साथ लेने पर आपत्ति जताएगी, जिन्होंने अतीत में भाजपा के खिलाफ काम किया है, तो उन्होंने माना कि यदि किशोर को वास्तव में नियुक्त किया जाता है तो भाजपा की चिंताएँ "जायज" हो सकती हैं।

कृषि मंत्री का अलग दावा

इस बीच, कृषि मंत्री दत्तामामा भरणे ने दावा किया कि प्रशांत किशोर पहले से ही पार्टी के सलाहकार हैं और आने वाले दिनों में पार्टी को उनकी सलाह से फायदा होगा। भरणे का यह बयान तटकरे के रुख से सीधे मेल नहीं खाता, जिससे एनसीपी के भीतर इस मुद्दे पर एकराय न होने के संकेत मिलते हैं।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब एनसीपी महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन सरकार में भागीदार है और पार्टी अपनी संगठनात्मक स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है। किशोर की संभावित भूमिका पर अंतिम स्पष्टता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से आनी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पार्टी के भीतर पुरानी पीढ़ी और नई रणनीतिक सोच के बीच चल रहे तनाव का संकेत भी है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रशांत किशोर को एनसीपी का रणनीतिकार बनाए जाने की खबर क्या है?
रिपोर्टों के अनुसार, प्रशांत किशोर की सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार के साथ छह घंटे की बैठक हुई, जिसमें एनसीपी की राज्य इकाई में संगठनात्मक बदलाव और किशोर की संभावित रणनीतिकार भूमिका पर चर्चा हुई। हालाँकि, एनसीपी महाराष्ट्र अध्यक्ष सुनील तटकरे ने किसी आधिकारिक नियुक्ति की पुष्टि से इनकार किया है।
सुनील तटकरे ने इस मुद्दे पर क्या कहा?
तटकरे ने 7 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्हें किशोर की नियुक्ति की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है और यदि ऐसा होता तो उन्हें पहले ही पता चल जाता। उन्होंने रणनीतिकारों पर निर्भरता को लेकर भी अप्रत्यक्ष संदेह जताया।
क्या एनसीपी के भीतर इस मुद्दे पर एकमत है?
नहीं। जहाँ तटकरे ने किसी भी नियुक्ति की जानकारी से इनकार किया, वहीं कृषि मंत्री दत्तामामा भरणे ने दावा किया कि किशोर पहले से ही पार्टी के सलाहकार हैं। दोनों बयानों में स्पष्ट विरोधाभास है।
भाजपा को प्रशांत किशोर की एनसीपी में भूमिका से क्यों आपत्ति हो सकती है?
प्रशांत किशोर ने अतीत में भाजपा के विरोध में कई राज्यों में चुनावी अभियान चलाए हैं। एनसीपी महायुति गठबंधन में भाजपा की सहयोगी है, इसलिए तटकरे ने माना कि किशोर की नियुक्ति पर भाजपा की चिंताएँ 'जायज' हो सकती हैं।
प्रशांत किशोर और सुनेत्रा पवार के बीच कितनी बैठकें हो चुकी हैं?
रिपोर्टों के अनुसार, पिछले दो महीनों में यह तीसरी बैठक थी। इस बार की बैठक छह घंटे चली और इसमें पार्थ पवार भी शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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