क्या उपराष्ट्रपति चुनाव में बी. सुदर्शन रेड्डी को एनसीपी (एसपी) का समर्थन मिला?

सारांश
Key Takeaways
- उपराष्ट्रपति चुनाव में बी. सुदर्शन रेड्डी को एनसीपी (एसपी) का समर्थन मिला।
- शरद पवार ने इस समर्थन की घोषणा की है।
- बी. सुदर्शन रेड्डी का कानूनी करियर बहुत ही सम्मानित है।
- उपराष्ट्रपति चुनाव में उनके खिलाफ एनडीए के सीपी राधाकृष्णन हैं।
- यह चुनाव लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
मुंबई, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। देश में उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच, शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) ने इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को समर्थन देने की घोषणा की।
इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी ने शुक्रवार को शरद पवार से मुलाकात की। इस पर शरद पवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करके उन्हें पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
शरद पवार ने कहा कि देश के उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार, सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी ने मुंबई स्थित उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। उन्हें लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के प्रयास में उनकी उम्मीदवारी के लिए पार्टी का पूर्ण समर्थन दिया गया।
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद सुप्रिया सुले, राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्य प्रवक्ता, विधायक डॉ. जितेंद्र आव्हाड, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद फौजिया खान, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नसीर हुसैन, कांग्रेस सांसद एवं मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ समेत इंडिया गठबंधन के अन्य प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।
उपराष्ट्रपति चुनाव में 'इंडिया' गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी का सीधा मुकाबला एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से है। सुदर्शन रेड्डी का एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है, जिसमें आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश, गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्य शामिल है।
बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश के रंगारेड्डी जिले के आकुला मायलावरम गांव में हुआ। वे किसान परिवार से जुड़े हुए हैं। उन्होंने हैदराबाद में पढ़ाई की और 1971 में उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से विधि की डिग्री प्राप्त की।