मध्य प्रदेश यूसीसी रिपोर्ट: सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर लगाया वोट-बैंक राजनीति का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 14 जुलाई 2026 को भोपाल में मीडिया से बात करते हुए प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर कांग्रेस को घेरा और विपक्षी दल से अपना रुख स्पष्ट करने की माँग की। यह बयान राज्य सरकार की हाई-लेवल कमेटी द्वारा यूसीसी पर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपे जाने के ठीक एक दिन बाद आया।
मुख्यमंत्री का आरोप
विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में मोहन यादव ने कहा, 'समिति ने मुझे यूसीसी की रिपोर्ट सौंप दी है। अब कांग्रेस को भी इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करना चाहिए।' उन्होंने आरोप लगाया कि चाहे यूसीसी हो या भोजशाला विवाद, कांग्रेस हर मामले को 'सिर्फ हिंदू-मुस्लिम राजनीति और वोट-बैंक की राजनीति के नजरिए से देखती है।' यादव ने यह भी रेखांकित किया कि समिति की परामर्श प्रक्रिया में अलग-अलग धर्मों के लोगों ने खुलकर अपनी राय रखी, जिसे उन्होंने 'अच्छी बात' बताया।
रिपोर्ट की संरचना और मुख्य सिफारिशें
राज्य सरकार के अनुसार, यह रिपोर्ट तीन वॉल्यूम में तैयार की गई है। पहले वॉल्यूम में संवैधानिक प्रावधानों, अंतरराष्ट्रीय तौर-तरीकों, केंद्र व राज्य के कानूनों और मौजूदा रीति-रिवाजों की समीक्षा के बाद समिति की सिफारिशें हैं। दूसरे वॉल्यूम में मध्य प्रदेश के लिए तैयार यूसीसी बिल का ड्राफ्ट है, जिसमें 4 हिस्से, 404 सेक्शन और 7 शेड्यूल शामिल हैं।
तीसरे वॉल्यूम में जिला और राज्य स्तर पर बातचीत तथा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए गए व्यापक जन-परामर्श का विवरण है। इस प्रक्रिया में 9.58 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए, जिनका विश्लेषण सवालों, लिंग और समुदायों के आधार पर किया गया।
पैनल की एक प्रमुख सिफारिश यह है कि अनुसूचित जनजातियों को प्रस्तावित यूसीसी के दायरे से बाहर रखा जाए, क्योंकि आदिवासी समुदायों को संवैधानिक सुरक्षा प्राप्त है और उनकी अपनी विशिष्ट रीति-रिवाज हैं।
समिति की संरचना
इस हाई-लेवल कमेटी की अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई ने की। समिति के सदस्यों में प्रो. गोपाल शर्मा, बुधपाल सिंह, शोभा पैठनकर और सदस्य सचिव अजय कटेसरिया शामिल रहे। इस कमेटी का गठन मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में यूसीसी लागू करने की संभावनाओं की जाँच और कानूनी ढाँचा सुझाने के उद्देश्य से किया था।
आगे की राह
रिपोर्ट सौंपा जाना मध्य प्रदेश में यूसीसी लागू करने की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की कोशिश में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य सरकार विधानसभा में बिल पेश करने से पहले सुझावों और ड्राफ्ट कानून की विस्तृत समीक्षा करेगी। यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना आधिकारिक रुख कब और कैसे स्पष्ट करती है।