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भोपाल में यूसीसी समर्थन में होर्डिंग, CM मोहन यादव का 'राम-रहीम एक शादी' बयान प्रमुखता से

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भोपाल में यूसीसी समर्थन में होर्डिंग, CM मोहन यादव का 'राम-रहीम एक शादी' बयान प्रमुखता से

सारांश

भोपाल के प्रमुख चौराहों पर लगे यूसीसी समर्थन के होर्डिंग्स ने मध्य प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है। CM मोहन यादव का 'राम-रहीम एक शादी' वाला बयान होर्डिंग्स पर प्रमुखता से है। कैबिनेट बैठक में यूसीसी प्रस्ताव के साथ, मध्य प्रदेश उत्तराखंड के बाद यूसीसी लागू करने वाला दूसरा राज्य बन सकता है।

मुख्य बातें

भोपाल के प्रमुख चौराहों पर 18 जुलाई 2026 को यूसीसी समर्थन में होर्डिंग्स लगाए गए।
होर्डिंग्स में CM मोहन यादव का बयान — 'राम एक शादी करेगा तो रहीम भी एक ही शादी करेगा' — प्रमुखता से अंकित है।
होर्डिंग्स BJP विधायक रामेश्वर शर्मा की ओर से मालवीय नगर कार्यालय सहित कई स्थानों पर लगाए गए।
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के एजेंडे में यूसीसी प्रस्ताव शामिल, मानसून सत्र में लागू करने की तैयारी।
मध्य प्रदेश, उत्तराखंड के बाद यूसीसी लागू करने वाला दूसरा राज्य बन सकता है।

मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की तैयारियों के बीच 18 जुलाई 2026 को भोपाल के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर यूसीसी के समर्थन में होर्डिंग लगाए गए। इन होर्डिंग्स में मुख्यमंत्री मोहन यादव का वह बयान प्रमुखता से अंकित है, जिसमें उन्होंने कहा था, 'राम एक शादी करेगा तो रहीम भी एक ही शादी करेगा।'

होर्डिंग्स का स्वरूप और स्थान

ये होर्डिंग भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा की ओर से लगवाए गए हैं। उनके मालवीय नगर स्थित कार्यालय के निकट और राजधानी के कई अन्य प्रमुख स्थानों पर ये संदेश दिखाई दे रहे हैं। होर्डिंग्स के माध्यम से केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और मध्य प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया गया है। साथ ही यूसीसी को सामाजिक समानता और समान अधिकारों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

कैबिनेट बैठक पर टिकी नज़रें

जानकारी के अनुसार, राज्य मंत्रिमंडल की आगामी बैठक के एजेंडे में समान नागरिक संहिता का प्रस्ताव शामिल किया गया है। यह बैठक न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे देश की राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि राज्य सरकार यूसीसी को इसी मानसून सत्र में लागू करने की दिशा में प्रतिबद्ध है।

राजनीतिक संदर्भ और महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है जिसने यूसीसी को लागू किया है, और अब मध्य प्रदेश इस दिशा में दूसरा बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने होर्डिंग्स के ज़रिए इस कदम का खुलकर स्वागत किया है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, सत्तारूढ़ दल के लिए यूसीसी एक व्यापक सामाजिक सुधार के साथ-साथ राजनीतिक एजेंडे का भी हिस्सा है।

आम जनता और विपक्ष की प्रतिक्रिया

भोपाल में इन होर्डिंग्स के सामने आने के बाद यूसीसी का मुद्दा एक बार फिर सामाजिक और राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। आलोचकों का कहना है कि यूसीसी के व्यापक सामाजिक प्रभावों पर पर्याप्त विमर्श अभी बाकी है। सभी की निगाहें अब मंत्रिमंडल की उस बैठक पर टिकी हैं, जिसमें सरकार इस संहिता को लेकर औपचारिक निर्णय ले सकती है।

आगे क्या होगा

यदि मध्य प्रदेश सरकार कैबिनेट में यूसीसी प्रस्ताव पारित करती है, तो यह मानसून सत्र में विधानसभा के पटल पर आ सकता है। राज्य में यूसीसी लागू होने से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत कानूनों में एकरूपता आएगी, जो अब तक धर्म-आधारित पर्सनल लॉ के अंतर्गत संचालित होते रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक संदेश हैं — यूसीसी को 'सामाजिक समानता' के फ्रेम में पेश करना BJP की चुनावी रणनीति का हिस्सा दिखता है। CM मोहन यादव का 'राम-रहीम' वाला बयान सरल भाषा में एक जटिल कानूनी सुधार को जनमानस तक पहुँचाने की कोशिश है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि यूसीसी के व्यापक प्रभावों — जैसे आदिवासी समुदायों के परंपरागत अधिकार और अल्पसंख्यक पर्सनल लॉ — पर पर्याप्त संवाद अभी नहीं हुआ। उत्तराखंड के अनुभव से सबक लेना ज़रूरी है, जहाँ यूसीसी अधिसूचित होने के बाद भी क्रियान्वयन की चुनौतियाँ सामने आई हैं। मध्य प्रदेश के लिए असली परीक्षा होर्डिंग्स से नहीं, बल्कि विधानसभा में व्यापक बहस और पारदर्शी क्रियान्वयन से होगी।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोपाल में यूसीसी समर्थन के होर्डिंग्स किसने लगवाए?
ये होर्डिंग्स BJP विधायक रामेश्वर शर्मा की ओर से लगवाए गए हैं। मालवीय नगर स्थित उनके कार्यालय के पास और भोपाल के कई प्रमुख चौराहों पर ये संदेश प्रदर्शित हैं।
CM मोहन यादव का यूसीसी पर क्या बयान है जो होर्डिंग्स पर लिखा गया है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा था, 'राम एक शादी करेगा तो रहीम भी एक ही शादी करेगा।' यह बयान समान नागरिक संहिता के तहत सभी धर्मों के नागरिकों पर एक समान विवाह कानून लागू होने के संदर्भ में दिया गया था।
मध्य प्रदेश में यूसीसी कब लागू हो सकती है?
CM मोहन यादव के अनुसार, राज्य सरकार यूसीसी को मानसून सत्र में लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कैबिनेट बैठक के एजेंडे में यूसीसी प्रस्ताव शामिल बताया जा रहा है, जिसके बाद इसे विधानसभा में रखा जा सकता है।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से आम नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा?
यूसीसी लागू होने पर विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में सभी धर्मों के नागरिकों पर एक समान कानून लागू होगा, जो अभी तक अलग-अलग धर्म-आधारित पर्सनल लॉ के तहत संचालित होते हैं।
क्या मध्य प्रदेश यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य होगा?
नहीं, उत्तराखंड पहले ही यूसीसी लागू कर चुका है। यदि मध्य प्रदेश इसे पारित करता है, तो वह इस संहिता को लागू करने वाला दूसरा राज्य बनेगा।
राष्ट्र प्रेस
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