मुस्लिम आबादी बढ़ने से 'तनाव का माहौल': भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का विवादित बयान, MP में UCC पर बहस तेज़
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर चल रही सियासी बहस के बीच भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने बुधवार को भोपाल में दिए एक बयान से नया विवाद खड़ा कर दिया है। हुजूर विधानसभा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए शर्मा ने कथित तौर पर कहा कि देश के कई इलाकों की डेमोग्राफी बदल रही है और मुस्लिम आबादी में वृद्धि से समाज में 'तनाव और भय का माहौल' बन रहा है।
विधायक का पूरा बयान
पत्रकारों से बातचीत में रामेश्वर शर्मा ने दावा किया कि एक विशेष धर्म के लोगों की बढ़ती जनसंख्या कई क्षेत्रों की सामाजिक संरचना को प्रभावित कर रही है। उनके अनुसार यही स्थिति समान नागरिक संहिता और जनसंख्या नियंत्रण जैसे विषयों को और प्रासंगिक बनाती है।
शर्मा ने यह भी कहा कि देशभर से यह मांग लगातार तेज़ हो रही है कि किसी भी परिवार में तीन से अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए, और जिनके अत्यधिक बच्चे हैं उनके विरुद्ध सख्त कदमों पर विचार किया जाना चाहिए।
इंदिरा गांधी का हवाला, कांग्रेस से अपील
भाजपा विधायक ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का ज़िक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी परिवार नियोजन की ज़रूरत पर ज़ोर दिया था। इस आधार पर शर्मा ने कांग्रेस से अपील की कि वह जनसंख्या नियंत्रण और UCC जैसे मुद्दों पर सरकार का समर्थन करे, न कि 'भ्रम फैलाए'।
उन्होंने मध्य प्रदेश कांग्रेस नेताओं से कहा कि वे राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के प्रयासों का समर्थन करें, क्योंकि यह 'किसी समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित करने' की दिशा में कदम है।
CM मोहन यादव की पूर्व घोषणा
यह बयान ऐसे समय आया है जब दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ऐलान किया था कि मध्य प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। सोमवार को CM ने कहा था कि उनकी सरकार UCC लागू करने को प्रतिबद्ध है और इसके लिए जनता तथा कानूनी विशेषज्ञों से सुझाव लिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक विवाह और पारिवारिक मामलों में धर्म-आधारित अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की व्यवस्था अब आवश्यक नहीं रह गई है। राज्य सरकार UCC विधेयक का मसौदा तैयार करने से पहले व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श कर रही है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे का रास्ता
गौरतलब है कि भाजपा नेताओं द्वारा मुस्लिम आबादी और जनसंख्या नियंत्रण को जोड़ने वाले बयान पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में सामने आते रहे हैं, और आलोचकों का कहना है कि ऐसे बयान सामाजिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं। शर्मा के ताज़ा बयान पर विपक्ष की औपचारिक प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है, लेकिन UCC मसौदे पर परामर्श प्रक्रिया के साथ यह विवाद और गहराने की संभावना है।