केपी के लोअर साउथ वजीरिस्तान में संदिग्ध ड्रोन हमला, तीन बच्चियों की मौत; चार घायल
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत के लोअर साउथ वजीरिस्तान जिले में रविवार, 5 जुलाई की तड़के एक संदिग्ध क्वाडकॉप्टर ड्रोन हमले में 6 से 15 वर्ष की उम्र की तीन बच्चियों की मौत हो गई। इसी परिवार के चार अन्य सदस्य — एक महिला और तीन छोटे लड़के — घायल हुए हैं, जिन्हें वाना स्थित जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हमले का विवरण
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हमला बिरमल तहसील के नरगासी इलाके में एक आवासीय मकान पर हुआ, जहाँ संदिग्ध क्वाडकॉप्टर से विस्फोटक गिराए गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय निवासी मौके पर पहुँचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, घायलों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का अभाव
उल्लेखनीय है कि घटना के बाद पाकिस्तान की किसी भी सरकारी एजेंसी या सुरक्षा बल की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हमले की प्रकृति, उसके कारण या जिम्मेदार पक्ष की पुष्टि भी नहीं हुई है। यह चुप्पी स्थानीय समुदाय में गहरी चिंता का कारण बनी हुई है।
क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिरमल तहसील में पहले भी कई बार ऐसे संदिग्ध क्वाडकॉप्टर हमले हो चुके हैं, जिनमें जानें गई हैं। निवासियों का आरोप है कि पिछले डेढ़ वर्षों में लोअर साउथ वजीरिस्तान में बम धमाकों, टारगेट किलिंग, फिरौती के लिए अपहरण, उगाही और सुरक्षा बलों पर हमलों की घटनाओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इन हालात ने पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का वातावरण बना दिया है।
इसी सप्ताह की अन्य घटनाएँ
गौरतलब है कि इसी सप्ताह हसन खेल इलाके में एक अन्य संदिग्ध ड्रोन हमले में एक महिला की मौत हो गई थी और उसके परिवार के छह सदस्य घायल हुए थे। इसके अलावा, बाजौर जिले में भी हाल के दिनों में संदिग्ध क्वाडकॉप्टर हमलों में कई लोगों की मौत और घायल होने की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केपी प्रांत में सशस्त्र समूहों की गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं।
समुदाय की माँग
स्थानीय समुदाय ने इस घटना की निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए सरकार से कानून-व्यवस्था बहाल करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। जब तक जिम्मेदार पक्ष की पहचान और जवाबदेही तय नहीं होती, इस क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा एक गंभीर प्रश्न बनी रहेगी।