पेशावर ड्रोन हमला: पस्तावाना में महिला की मौत, परिवार के छह घायल; बलूचिस्तान में चार ड्रोन भी मार गिराए
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के पेशावर के बाहरी इलाके में 1 जुलाई की देर रात एक संदिग्ध ड्रोन हमले में एक महिला की मौत हो गई और एक ही परिवार के छह सदस्य घायल हो गए। यह घटना हसन खेल सब-डिवीजन के पस्तावाना इलाके की है, जो पेशावर के बाहरी क्षेत्र में पड़ता है। हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और घायलों को तुरंत नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया गया।
मुख्य घटनाक्रम
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हमले में घायल सातों लोग एक ही परिवार से थे। शुरुआती जानकारी में एक महिला की हालत बेहद गंभीर बताई गई थी। बाद में हसन खेल के एक स्थानीय बुजुर्ग ने पुष्टि की कि शेर मस्त की बहू ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
शेर मस्त और उनका 15 वर्षीय बेटा अभी भी पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
हमले की जिम्मेदारी और जाँच
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह ड्रोन हमला किसने किया और इसका उद्देश्य क्या था। सुरक्षा एजेंसियों ने घटना की जाँच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि अप्रैल में भी हसन खेल उपखंड के चंदोका इलाके में एक संदिग्ध ड्रोन हमले से एक मस्जिद को मामूली नुकसान पहुँचा था, हालाँकि उस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था। चंदोका क्षेत्र पेशावर और कोहाट की सीमा पर स्थित है — यह इस उपखंड में ड्रोन गतिविधि की कम से कम दूसरी घटना है।
बलूचिस्तान में भी चार ड्रोन नाकाम
इसी दिन पाकिस्तान सेना ने दावा किया कि अफगानिस्तान की सीमा से बलूचिस्तान में चार रुडिमेंटरी (साधारण) ड्रोन भेजे गए, जिन्हें पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणाली ने समय रहते पहचानकर मार गिराया। सेना के जनसंपर्क विभाग आईएसपीआर के अनुसार, सुरक्षा बलों ने अत्याधुनिक तकनीक और जवाबी उपायों के ज़रिए चारों ड्रोन को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया और किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ।
आईएसपीआर ने आरोप लगाया कि ये ड्रोन अफगान तालिबान शासन की उस नीति का हिस्सा थे जिसके तहत अफगानिस्तान-नियंत्रित क्षेत्रों से सक्रिय आतंकी संगठनों को समर्थन और संरक्षण दिया जाता है। सेना ने यह भी कहा कि इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना रवैया अफगान जनता की परेशानियों को और बढ़ाता है।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ रहा है। पाकिस्तान कई बार अफगान तालिबान पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) जैसे समूहों को पनाह देने का आरोप लगा चुका है, जो पाकिस्तान की धरती पर हमले करते हैं। हसन खेल जैसे सीमावर्ती उपखंडों में बार-बार ड्रोन गतिविधि इस क्षेत्र में बढ़ती असुरक्षा का संकेत है।
आगे क्या
सुरक्षा एजेंसियाँ पस्तावाना हमले की जाँच जारी रखे हुए हैं और अभी तक किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। लेडी रीडिंग अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है। पाकिस्तानी अधिकारियों से उम्मीद है कि वे कूटनीतिक स्तर पर अफगानिस्तान के समक्ष यह मामला उठाएँगे।