तालिबान ने पाकिस्तान के हमलों में दो बच्चों की मौत की पुष्टि की, लगभग 30 लोग घायल
सारांश
Key Takeaways
- पाकिस्तान के हमलों में दो बच्चों की मौत हुई है।
- लगभग 30 लोग घायल हुए हैं।
- इन हमलों की तालिबान ने निंदा की है।
- 27,000 से अधिक परिवार विस्थापित हुए हैं।
- अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ रहा है।
काबुल, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अफगानिस्तान के पूर्वी क्षेत्र में पाकिस्तान द्वारा किए गए हमलों में कम से कम दो बच्चों की जान चली गई, जबकि लगभग 30 लोग घायल हो गए। स्थानीय समाचार स्रोतों के अनुसार, ये हमले मुख्यतः गोलाबारी और ड्रोन हमलों के माध्यम से किए गए।
तालिबान के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने जानकारी दी कि कुनार, पक्तिका और खोस्त प्रांतों के आवासीय क्षेत्रों को लक्ष्य बनाकर हमले बुधवार से जारी हैं। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने लगातार मोर्टार, रॉकेट और ड्रोन हमले किए, जिनमें अधिकांश आम नागरिक, विशेषकर बच्चे, प्रभावित हुए हैं।
कुनार प्रांत के सरकानो और मनोगई जिलों में 150 से ज्यादा मोर्टार और लंबी दूरी के गोले दागे गए, जिससे कई घरों को नुकसान पहुंचा। सरकानो के नवापास क्षेत्र में हुए हमले में दो बच्चों की मौत हो गई और आठ अन्य बच्चे घायल हुए।
वहीं, पक्तिका प्रांत के शकिन जिले में एक ड्रोन हमले में तीन नागरिक घायल हुए, जबकि खोस्त के जाजी मैदान इलाके में एक अन्य ड्रोन हमले में दो लोग घायल हुए।
अफगान अधिकारियों ने पाकिस्तान की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि जानबूझकर आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे आम लोगों को भारी नुकसान हो रहा है।
हाल के महीनों में काबुल और इस्लामाबाद के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमलों और गोलाबारी में कई लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच, दोनों देशों के अधिकारियों के बीच चीन के उरुमकी में बातचीत भी शुरू हुई है।
अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल काहर बल्खी ने बताया कि अफगान प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के अधिकारियों से चर्चा के लिए चीन पहुंचा है।
अफगानिस्तान के अर्थव्यवस्था मंत्री कारी दीन मोहम्मद हनीफ के अनुसार, पाकिस्तान के हालिया हमलों के कारण नौ प्रांतों में 27,000 से अधिक परिवार विस्थापित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि ये परिवार खाद्य, कपड़े, आवास और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी जरूरतों से वंचित हैं और संयुक्त राष्ट्र व अन्य संगठनों से मदद की अपील की है।