यूपी विधानसभा चुनाव 2027: भाजपा ने बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का संकल्प लिया, विपक्ष पर 'झूठ और भ्रम' का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को धार देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 12 मई को लखनऊ स्थित प्रदेश मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की। बैठक में पार्टी ने 'हर बूथ पर जीत' को अपना सर्वोच्च लक्ष्य घोषित करते हुए कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर विपक्ष के कथित 'झूठ और भ्रम' का जवाब देने का आह्वान किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बूथ, शक्तिकेंद्र, मंडल और जिला समितियों की संगठनात्मक समीक्षा की गई।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में प्रदेश पदाधिकारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारी सम्मिलित हुए। बैठक का मुख्य एजेंडा जिला, मंडल, शक्तिकेंद्र और बूथ समितियों के सत्यापन कार्य की समीक्षा करना और आगामी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना था। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब 2027 के विधानसभा चुनाव में अब लगभग दो वर्ष से भी कम का समय शेष है।
पंकज चौधरी का संदेश — 2017 से बड़ी जीत का लक्ष्य
पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में 2017 से भी बड़ी जीत का लक्ष्य लेकर चलना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन बूथों पर पार्टी पहले से मजबूत है, वहाँ जीत का अंतर और बढ़ाया जाए, जबकि कमजोर बूथों पर विशेष रणनीति बनाकर काम किया जाए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष के पास न कोई नीति है, न कार्यक्रम और न ही जनहित का कोई विजन — वह केवल 'भ्रम और झूठ' की राजनीति कर रहा है।
धर्मपाल सिंह के संगठनात्मक निर्देश
धर्मपाल सिंह ने संगठनात्मक ढाँचे की समीक्षा करते हुए सभी समितियों की बैठकों के लिए एक सुनिश्चित समय-सारणी तय की। उनके निर्देशानुसार जिला समितियों की बैठकें हर माह 1 से 15 तारीख के बीच, मंडल समितियों की बैठकें प्रथम सप्ताह, शक्तिकेंद्र की बैठकें तृतीय सप्ताह, और बूथ समितियों की बैठकें माह के अंतिम सप्ताह में 'मन की बात' कार्यक्रम के साथ आयोजित होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि बूथ समितियों का सत्यापन लगभग पूर्ण हो चुका है।
नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने पर जोर
बैठक में अनुभवी और सक्रिय कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक अभियानों में नई जिम्मेदारियाँ सौंपने की बात कही गई। साथ ही पार्टी की विचारधारा से जुड़े नए लोगों को संगठन में शामिल करने पर विशेष बल दिया गया। गौरतलब है कि भाजपा ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 403 में से 312 सीटें जीती थीं, और इस बार उससे भी बेहतर प्रदर्शन का दावा किया जा रहा है।
आगे की रणनीति
पार्टी का स्पष्ट संकेत है कि जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना ही 2027 की चुनावी सफलता की कुंजी होगी। बूथ-स्तरीय सक्रियता, नियमित बैठकें और जनसंपर्क अभियान — इन तीन स्तंभों पर भाजपा की रणनीति टिकी है। आने वाले महीनों में पार्टी के बड़े नेताओं के दौरे और जनसभाओं की श्रृंखला भी अपेक्षित है, जो इस संगठनात्मक ढाँचे को और धार देगी।