विंबलडन 2026: सिनर ने केकमैनोविच को 5 सेटों में हराया, 3.5 घंटे के रोमांचक मुकाबले में की वापसी
सारांश
मुख्य बातें
वर्ल्ड नंबर 1 जानिक सिनर ने 29 जून 2026 को विंबलडन के मेंस सिंगल्स पहले दौर में सर्बिया के मियोमिर केकमैनोविच को 4-6, 6-3, 6-7(6), 6-2, 6-3 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। ऑल-इंग्लैंड क्लब के सेंटर कोर्ट पर 3 घंटे 30 मिनट तक चले इस संघर्षपूर्ण मुकाबले में इतालवी चैंपियन को गिरने की चोट और 52 अनफोर्स्ड एरर के बावजूद जीत दर्ज करनी पड़ी।
मैच का मुख्य घटनाक्रम
पहले सेट में केकमैनोविच ने सिनर को 4-6 से मात देकर शानदार शुरुआत की। सिनर ने दूसरे सेट में 6-3 से वापसी की, लेकिन तीसरे सेट में टाई-ब्रेक 6-7(6) से गँवाकर फिर दबाव में आ गए। इसके बाद उन्होंने चौथा और पाँचवाँ सेट क्रमशः 6-2 और 6-3 से जीतकर मैच अपने नाम किया।
खतरनाक गिरावट और चोट की आशंका
तीसरे सेट में 2-2 के स्कोर पर 24 वर्षीय सिनर खतरनाक तरीके से फिसल गए और उनके घुटने अंदर की ओर मुड़ गए, जिससे खचाखच भरे स्टेडियम में बैठे दर्शक साँस रोककर रह गए। हालाँकि सिनर को मेडिकल टाइमआउट की आवश्यकता नहीं पड़ी और उन्होंने तुरंत खेल जारी रखा। टाई-ब्रेक में 5-6 से पीछे चल रहे केकमैनोविच ने सिनर को कोर्ट के एक छोर से दूसरे छोर तक दौड़ाया और नेट की ओर आगे बढ़े, जिससे सिनर को एक बार फिर डाइव लगानी पड़ी — तीसरे सेट में यह उनके गिरने का दूसरा मौका था।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी
पीआईएफ एटीपी रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज सिनर ने इस जीत के साथ बड़े टूर्नामेंटों में अपनी कुल जीत का आँकड़ा 94 कर लिया। यह इटली के दिग्गज खिलाड़ी निकोला पिएत्रांगेली के रिकॉर्ड की बराबरी है, जो अब तक ग्रैंड स्लैम स्तर पर इटली के किसी खिलाड़ी द्वारा सर्वाधिक जीत का रिकॉर्ड था। गौरतलब है कि सिनर विंबलडन पहले दौर में हारने वाले केवल तीसरे डिफेंडिंग पुरुष चैंपियन बनते-बनते बचे।
पिछले साल से तुलना
यह मुकाबला पिछले साल कार्लोस अल्काराज के पहले दौर के मैच से मिलता-जुलता रहा, जब स्पेन के अल्काराज ने फैबियो फोगनिनी के खिलाफ पाँच सेटों के तनावपूर्ण मुकाबले में जीत दर्ज की थी और अंततः फाइनल तक पहुँचे थे — जहाँ सिनर ने उन्हें हराकर खिताब जीता था। रॉयल बॉक्स में मौजूद डेविड बेकहम सहित तमाम दर्शकों ने इस रोमांचक मुकाबले का भरपूर आनंद लिया।
आगे क्या
सिनर का अगला मुकाबला दूसरे दौर में पुर्तगाल के नूनो बोर्जेस से होगा। डिफेंडिंग चैंपियन की नजरें अब लगातार दूसरे विंबलडन खिताब पर टिकी हैं, लेकिन इस पहले दौर के प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया है कि घास के कोर्ट पर उनका सफर आसान नहीं होगा।