विंबलडन पहले राउंड में हार के बाद युकी भांबरी बोले — 'दबाव नहीं झेल पाए, बहुत नर्वस खेला'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय डबल्स टेनिस खिलाड़ी युकी भांबरी ने स्वीकार किया कि विंबलडन 2025 के पहले राउंड में उनकी और साझेदार माइकल वीनस (न्यूज़ीलैंड) की जोड़ी टूर्नामेंट के दबाव को संभाल नहीं पाई, जिसके चलते उन्हें शुरुआती दौर में ही बाहर होना पड़ा। 4 जुलाई को खेले गए इस मुकाबले में डच-अमेरिकन जोड़ी जीन-जूलियन रोजर और थियोडोर वाइनगर ने इंडो-कीवी जोड़ी को 3-6, 4-6 से पराजित किया।
मैच में क्या हुआ
भांबरी और वीनस पूरे मैच में सर्विस पर लय नहीं बना पाए और रिटर्न भी कमज़ोर रहा। जोड़ी एक भी ब्रेक-पॉइंट भुनाने में नाकाम रही, जो अंततः उनकी हार की सबसे बड़ी वजह बनी। मूवमेंट की धीमी गति ने विरोधियों को मैच पर पकड़ बनाने का मौका दिया।
भांबरी का बयान
हार के बाद जियो हॉटस्टार से बात करते हुए 33 वर्षीय भांबरी ने कहा, 'हमारे खेल के सबसे बड़े टूर्नामेंट में से एक में खेलते हुए, मुझे लगता है कि यह मौका मुझे और मेरे साथी खिलाड़ी माइकल वीनस को मिल गया। हम दबाव नहीं झेल पाए। हमने बहुत, बहुत नर्वस मैच खेला, और इसकी कीमत हमें चुकानी पड़ी। हमारा मूवमेंट तेज नहीं था, हमारा रिटर्न खराब था। हम सर्व पर रिदम नहीं बना पाए।'
भविष्य को लेकर सकारात्मक रुख
पहले राउंड में बाहर होने के बावजूद भांबरी निराश नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'मैं और माइकल साथ में अच्छा कर रहे हैं। इससे पहले हमारे कुछ अच्छे नतीजे रहे हैं। उम्मीद है कि हम कुछ और विंबलडन में वापस आकर इसे ठीक करेंगे। हम इस अनुभव से सीखेंगे और अगली बार बेहतर प्रदर्शन करेंगे।'
डेविस कप पर नज़र
विंबलडन से बाहर होने के बाद भांबरी का ध्यान अब भारत के आगामी डेविस कप क्वालीफायर मुकाबले पर है, जिसमें भारत का सामना दक्षिण कोरिया से होगा। उन्होंने इसे देश के लिए एक बड़ा अवसर बताया। भांबरी ने कहा, 'एक देश के तौर पर यह हमारे लिए एक बहुत बड़ा मौका है — बाहर जाकर डेविस कप क्वालीफायर जीतना और मेन ड्रॉ में जगह बनाना। भारत लंबे समय से इस स्थिति में नहीं था।'
उन्होंने हार्ड-कोर्ट सरफेस को भारत के पक्ष में बताते हुए कहा, 'हम हार्ड कोर्ट पर खेलेंगे, जो हमारे खेल के लिए सही है। उम्मीद है कि हम अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे और भारत को डेविस कप फाइनल 8 में पहुँचाने में मदद कर पाएंगे।' भांबरी का मानना है कि टीम के खिलाड़ी फॉर्म में हैं और दक्षिण कोरिया को हराने में सक्षम हैं।