संदीप पाठक पर पंजाब में दो गैर-जमानती एफआईआर, AAP छोड़ BJP में शामिल होने के बाद गिरफ्तारी का खतरा

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संदीप पाठक पर पंजाब में दो गैर-जमानती एफआईआर, AAP छोड़ BJP में शामिल होने के बाद गिरफ्तारी का खतरा

सारांश

AAP से BJP में गए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब के दो जिलों में गैर-जमानती एफआईआर — पार्टी बदलने के तुरंत बाद। भगवंत मान ने उन्हें 'गद्दार' कहा और 5 मई को राष्ट्रपति से मुलाकात का वक्त लिया है। AAP की राज्यसभा सीटें 10 से घटकर 3 रह गईं।

Key Takeaways

संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब के दो जिलों में गैर-जमानती अपराधों के तहत एफआईआर दर्ज। एफआईआर AAP छोड़कर BJP में शामिल होने के तुरंत बाद दर्ज हुई। 7 सांसदों के AAP छोड़ने के बाद राज्यसभा में पार्टी की सीटें 10 से घटकर 3 रह गईं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सांसदों को 'गद्दार' कहा और 5 मई को राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। पाठक के साथ राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी ने भी BJP ज्वाइन की।

राज्यसभा सांसद संदीप पाठक, जिन्होंने हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा है, पंजाब में दो गैर-जमानती मामलों में फँस सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 2 मई 2026 को पंजाब के दो अलग-अलग जिलों में पाठक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिसके चलते पंजाब पुलिस किसी भी समय उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।

मुख्य घटनाक्रम

शनिवार को आई रिपोर्टों के मुताबिक, संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब के दो जिलों में गैर-जमानती अपराधों के तहत मुकदमे दर्ज हुए हैं। गौरतलब है कि ये एफआईआर ठीक उसी समय दर्ज हुई हैं, जब पाठक ने AAP छोड़कर BJP में शामिल होने की घोषणा की। गिरफ्तारी की संभावनाओं के बीच पाठक को दिल्ली स्थित अपने आवास से गाड़ी में बाहर निकलते हुए देखा गया।

किन नेताओं ने छोड़ी AAP

पाठक के अलावा, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी ने भी AAP छोड़कर BJP की सदस्यता ली है। स्वाति मालीवाल को छोड़कर शेष छह सांसद राज्यसभा में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन सात सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद राज्यसभा में AAP की सीटें 10 से घटकर मात्र 3 रह गई हैं।

AAP और भगवंत मान की प्रतिक्रिया

AAP और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी छोड़ने वाले सांसदों को 'गद्दार' करार दिया है। मान ने कहा,

Point of View

तो सत्ता पक्ष इसे 'कानून का राज' बताता है। असली सवाल यह है कि क्या ये एफआईआर न्यायिक जाँच में टिकेंगी या केवल राजनीतिक संदेश भेजने का माध्यम बनकर रह जाएँगी। पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में यह घटनाक्रम AAP और BJP दोनों के लिए एक निर्णायक राजनीतिक परीक्षा बन सकता है।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब में एफआईआर क्यों दर्ज हुई?
रिपोर्टों के अनुसार, पंजाब के दो जिलों में गैर-जमानती अपराधों के तहत एफआईआर दर्ज की गई हैं। ये मामले ठीक उस समय सामने आए जब संदीप पाठक ने AAP छोड़कर BJP की सदस्यता ली। एफआईआर के विस्तृत आरोप अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
संदीप पाठक को गिरफ्तार किया जा सकता है?
हाँ, चूँकि मामले गैर-जमानती अपराधों से संबंधित हैं, इसलिए पंजाब पुलिस किसी भी समय कार्रवाई कर सकती है। हालाँकि, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और पाठक दिल्ली में हैं।
AAP छोड़कर BJP में कितने सांसद शामिल हुए?
कुल 7 सांसदों ने AAP छोड़कर BJP ज्वाइन की — संदीप पाठक, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी। इससे राज्यसभा में AAP की सीटें 10 से घटकर 3 रह गई हैं।
भगवंत मान 5 मई को राष्ट्रपति से क्यों मिलेंगे?
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान 5 मई को राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे, जो इन सांसदों के दल-बदल से संबंधित मामले को लेकर है। मान को 29 अप्रैल को राष्ट्रपति भवन से मुलाकात का समय मिला था।
AAP ने पार्टी छोड़ने वाले सांसदों को क्या कहा?
AAP और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी छोड़ने वाले सांसदों को 'गद्दार' कहा। मान ने कहा कि जिन्होंने जनता के जनादेश का अपमान किया, वे पंजाब और पंजाबियों के गद्दार हैं और किसी दया के पात्र नहीं।
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