यूक्रेन के खेरसॉन में रूसी FPV ड्रोन ने मठ को निशाना बनाया, धर्मगुरु की मौत; जेलेंस्की ने नए प्रतिबंधों की माँग की
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र में शनिवार रात रूस के FPV ड्रोन ने एक मठ पर हमला किया, जिसमें मठ से जुड़े एक धर्मगुरु की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस हमले की जानकारी देते हुए सहयोगी देशों से रूस पर नए और कड़े प्रतिबंध लगाने की अपील की।
मठ पर हमला और हताहतों का विवरण
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पोस्ट में लिखा, 'शनिवार रात खेरसॉन क्षेत्र में रूस ने एक मठ पर एफपीवी ड्रोन से हमला किया। दुख की बात है कि इस हमले में मठ से जुड़े एक धर्मगुरु की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए।' उन्होंने शोक-संतप्त परिवार और करीबियों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
यह हमला धार्मिक स्थलों को युद्ध की चपेट में लाने की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है, जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की चिंता का विषय बना हुआ है।
व्यापक हमलों का दायरा
जेलेंस्की के अनुसार, खार्किव, सुमी और ओडेसा क्षेत्रों में नागरिक बुनियादी ढाँचे और आम उपयोग की जगहों को निशाना बनाया गया। निप्रो और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में रिहायशी इमारतें हमलों की चपेट में आईं। इसके अलावा शाम से ही विनित्सिया, कीव, जितोमिर और चेरकासी क्षेत्रों पर भी हमले जारी रहे।
गौरतलब है कि यह हमले यूक्रेन के लगभग हर प्रमुख क्षेत्र को एक साथ प्रभावित करते हैं, जो रूसी रणनीति में व्यापक भौगोलिक दबाव बनाने की मंशा को दर्शाता है।
इसी सप्ताह हमलों का पैमाना
जेलेंस्की ने बताया कि केवल इसी सप्ताह रूस ने यूक्रेन के विरुद्ध 2,000 से अधिक हमलावर ड्रोन दागे, जिनमें अधिकांश जेट इंजन-चालित थे। इसके साथ ही 1,700 हवाई बम और 19 विभिन्न प्रकार की मिसाइलें भी छोड़ी गईं।
यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली पर लगातार दबाव बना हुआ है और पश्चिमी देशों से मिलने वाली सहायता के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
जेलेंस्की की सहयोगियों से अपील
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि यूक्रेन लगातार हमलों का मुकाबला करने के नए तरीके अपना रहा है, लेकिन सहयोगी देशों को भी ऐसे रास्ते तलाशने होंगे जिनसे रूस को इस युद्ध की वास्तविक कीमत महसूस हो। उन्होंने कहा, 'अब हमलावर देश के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाने और ताकत के जरिए उसे शांति के लिए मजबूर करने का सही समय है।'
जेलेंस्की ने स्पष्ट रूप से अमेरिका, यूरोप और जी-7 के सभी देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी के पास कड़े कदम उठाने के साधन उपलब्ध हैं और उन्हें इस दिशा में ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।
आगे क्या होगा
यूक्रेन पर रूसी हमलों की यह श्रृंखला अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नए दबाव का कारण बन सकती है। जी-7 देशों और नाटो सहयोगियों की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि रूस पर कूटनीतिक और आर्थिक शिकंजा और कसा जाएगा या नहीं। अगले कुछ दिनों में अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गतिविधियाँ तेज होने की संभावना है।