यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसा: 9 की मौत, CM योगी ने मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख मुआवजे का ऐलान किया
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण बस हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख और घायलों को ₹50-50 हजार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। 23-24 सितंबर 2026 की देर रात ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र में इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया।
हादसे का घटनाक्रम
दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही बस संख्या बीआर32पीए8647 में 33 किलोमीटर माइलस्टोन के पास अचानक आग भड़क उठी। बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे। सूचना मिलते ही पुलिस के उच्चाधिकारी, स्थानीय पुलिस बल, रेस्क्यू टेंडर, जेवर टोल पर तैनात फायर टेंडर सहित कुल 4 अतिरिक्त फायर टेंडर और फायर सर्विस यूनिट मौके पर पहुँचे और आग पर काबू पाया।
तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत पुलिस और बचाव दल ने 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालाँकि बस के भीतर धुएँ के बीच जाँच करने पर 9 व्यक्ति जलने और दम घुटने के कारण मृत अवस्था में मिले।
आग लगने की प्रारंभिक वजह
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि बस के एसी में स्पार्क या ब्लास्ट होने से इंजन के लुब्रिकेंट ऑयल में आग लग गई, जो देखते ही देखते पूरी बस में फैल गई। यह बस डबल डेकर थी और कथित तौर पर बस की छत पर भारी मात्रा में लगेज रखा गया था, जिसे भी आग तेज़ी से फैलने का एक संभावित कारण बताया जा रहा है। तथापि, आग लगने के सटीक कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की विस्तृत जाँच में जुटी हैं।
कानूनी कार्रवाई और जाँच
पुलिस ने इस मामले में सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया है। बस के चालक और परिचालक को हिरासत में लिया गया है। मृतकों की शिनाख्त के प्रयास जारी हैं और अन्य आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
सरकार की प्रतिक्रिया और राहत कार्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाए और पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद पहुँचाई जाए। गौरतलब है कि यमुना एक्सप्रेसवे पर बड़े वाहन हादसों का यह कोई पहला मामला नहीं है — इस हाईवे पर तेज़ रफ्तार और ओवरलोडिंग को लेकर सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ बार-बार चिंता जता चुके हैं।
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब देशभर में रात्रिकालीन बस यात्राओं में अग्नि-सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। फॉरेंसिक जाँच की रिपोर्ट आने के बाद बस ऑपरेटर की जवाबदेही तय होने की संभावना है।