ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड: अमित शाह, उमर अब्दुल्ला समेत नेताओं ने जताया शोक, 9 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
यमुना एक्सप्रेसवे पर ग्रेटर नोएडा के पास एक स्लीपर बस में भीषण आग लगने से कम से कम 9 यात्रियों की मृत्यु हो गई। इस दर्दनाक हादसे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली सरकार के कई मंत्रियों ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। घटना 24 सितंबर 2026 को सामने आई, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई।
हादसे का विवरण
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक स्लीपर बस में अचानक आग भड़क उठी, जिसमें कम से कम 9 लोगों की जान चली गई। हादसे में कई अन्य यात्री घायल भी हुए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किए गए।
गृह मंत्री अमित शाह की संवेदनाएं
गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय की ओर से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया गया — 'ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में आग लगने की घटना अत्यंत दुखद है। इस हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।' गौरतलब है कि देश के शीर्ष नेतृत्व का इस त्वरित प्रतिक्रिया देना घटना की गंभीरता को रेखांकित करता है।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर पोस्ट कर पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द एवं पूरी तरह ठीक होने की कामना की।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा, 'यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक बस में दुर्भाग्यपूर्ण अग्नि दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। मेरी गहन संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।' इसी क्रम में राज्य के दूसरे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को इस कठिन घड़ी में संबल देने की कामना की।
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने की हृदयविदारक घटना में यात्रियों की मृत्यु अत्यंत पीड़ादायक है। अपने प्रियजनों को खोने वाले शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।'
आम जनता पर असर और व्यापक सन्दर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे पर लंबी दूरी की बसों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। यमुना एक्सप्रेसवे पर यह कोई पहला गंभीर हादसा नहीं है; आलोचकों का कहना है कि रात्रिकालीन स्लीपर बसों में अग्निशमन उपकरणों और आपातकालीन निकास की पर्याप्तता की नियमित जाँच सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।
क्या होगा आगे
हादसे के कारणों की जाँच की जाएगी और घायलों का उपचार जारी है। राजनीतिक नेताओं की संवेदनाओं के साथ-साथ यह भी अपेक्षा है कि उत्तर प्रदेश सरकार इस दुर्घटना की विस्तृत जाँच कराए और बस परिवहन सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाए। पीड़ित परिवारों को मुआवज़े और सहायता की माँग भी उठने की संभावना है।