12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: केंद्रीय मंत्रालयों ने 'स्वस्थ वृद्धावस्था' थीम पर किया सामूहिक योगाभ्यास
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 21 जून 2026 को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार के कई प्रमुख मंत्रालयों ने इस वर्ष की वैश्विक थीम 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' के अनुरूप सामूहिक योग सत्रों का आयोजन किया। इन आयोजनों में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), नागरिक उड्डयन मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय सहित अनेक विभागों ने भाग लिया।
सुंदर नर्सरी में MNRE का आयोजन
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने सुंदर नर्सरी, नई दिल्ली में अपने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों — भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (IREDA) और सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SECI) — के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया। इस सत्र का नेतृत्व MNRE सचिव संतोष कुमार सारंगी ने किया।
सारंगी ने योग को केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक सम्पूर्ण जीवन शैली बताया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे बेहतर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग को घर और कार्यालय दोनों में दैनिक अभ्यास का हिस्सा बनाएँ।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की भागीदारी
नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के सहयोग से भी 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 मनाया। नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि योग को महज एक वार्षिक आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए।
सिन्हा ने कहा, 'योग, प्राणायाम और ध्यान हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग होना चाहिए। प्रतिदिन इन अभ्यासों के लिए समय निकालने से बेहतर स्वास्थ्य, बढ़ी हुई ऊर्जा, अधिक अनुशासन और संतुलित जीवनशैली में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।'
अन्य मंत्रालयों का सामूहिक योगाभ्यास
केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय, गृह मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), विदेश मंत्रालय और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय ने भी इस अवसर पर योग सत्र आयोजित किए। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभाग की भागीदारी का नेतृत्व किया और कर्मचारियों को स्वस्थ एवं उत्पादक जीवनशैली के लिए योग अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
थीम और व्यापक संदेश
इस वर्ष की थीम 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' सभी आयु वर्गों में शारीरिक शक्ति, मानसिक स्वास्थ्य और स्वस्थ वृद्धावस्था को बढ़ावा देने में योग की भूमिका को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि भारत में बुजुर्ग आबादी का अनुपात लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में निवारक स्वास्थ्य देखभाल के रूप में योग की प्रासंगिकता और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
MNRE के इस आयोजन ने स्वच्छ कार्यस्थल संस्कृति को बढ़ावा देने और कर्मचारी कल्याण सुनिश्चित करने के साथ-साथ देश के स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास लक्ष्यों के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को भी दर्शाया। आने वाले दिनों में यह अपेक्षा की जाती है कि इन आयोजनों से प्रेरित होकर और अधिक सरकारी कार्यालयों में नियमित योग सत्र शुरू किए जाएँगे।