12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर केंद्रीय मंत्रियों का आह्वान: योग को 365 दिन की आदत बनाएं
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 21 जून 2025 — 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देशभर में हजारों स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें केंद्रीय मंत्रियों ने भाग लेते हुए नागरिकों से योग को वार्षिक आयोजन तक सीमित न रखकर 365 दिन की नियमित दिनचर्या बनाने का आग्रह किया। नेताओं ने एकमत से कहा कि योग महज शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन की आधारशिला है।
गुवाहाटी में वित्त मंत्री का संदेश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने असम के गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र रिवरफ्रंट पर आयोजित समारोह में हिस्सा लिया, जहाँ असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा भी उपस्थित रहे। सीतारमण ने इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विषय हर आयु वर्ग के लिए योग की प्रासंगिकता को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि योग केवल जीवनकाल बढ़ाने का नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की अवधि बढ़ाने का भी माध्यम है।
वाणिज्य मंत्री गोयल का '365 दिन योग' का आह्वान
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि योग एक स्वस्थ और सकारात्मक भारत के निर्माण की मजबूत नींव है। उन्होंने अपील की कि 21 जून को महज एक प्रतीकात्मक तारीख न बनाएं, बल्कि इसे नियमित अभ्यास का प्रारंभ बिंदु मानें। गोयल ने कहा कि योग के माध्यम से हम एक ऊर्जावान, निरोग और सकारात्मक भारत के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।
अन्य केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि योग पूरी दुनिया को जोड़ने वाला सूत्र है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने योग को भारत की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत बताते हुए कहा कि यह शरीर, मन और आत्मा को एकसूत्र में बाँधता है। सिंधिया ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में योग एक वैश्विक जनआंदोलन बन चुका है और भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई पहचान मिली है। उन्होंने सभी नागरिकों से 'स्वस्थ दीर्घायु के लिए योग' के संकल्प के साथ विकसित भारत 2047 के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।
कोलकाता में PM मोदी का राष्ट्रीय समारोह
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित राष्ट्रीय समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने हजारों लोगों के साथ कॉमन योग प्रोटोकॉल का अभ्यास किया, जबकि भारत और दुनिया भर में लाखों लोग इस आयोजन से जुड़े। मोदी ने कहा कि हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक और बंगाल से सौराष्ट्र तक पूरा देश योग की ऊर्जा और उत्साह से सराबोर दिखाई दे रहा है।
आम जनता पर असर और आगे की राह
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र ने 2015 से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी है — एक प्रस्ताव जिसे भारत की पहल पर पारित किया गया था। इस वर्ष की थीम बुजुर्ग आबादी के बीच बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों के संदर्भ में विशेष रूप से प्रासंगिक है। मंत्रियों के संदेश स्पष्ट हैं — योग को उत्सव से दैनिक अभ्यास में बदलना ही इस दिवस की असली सफलता होगी।