12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर त्रिपुरा CM माणिक साहा बोले — 'योग स्वस्थ जीवन की आधारशिला'
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने 21 जून 2026 को अगरतला के हपानिया अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी हॉल में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में कहा कि रोगमुक्त, स्वस्थ और संतुलित जीवन के लिए योग का महत्व अतुलनीय है। उन्होंने नागरिकों से इस प्राचीन भारतीय अभ्यास को अपनी दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाने का आह्वान किया। इस वर्ष की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि योग और प्राणायाम की प्राचीन भारतीय परंपरा आज विश्व भर में मानव कल्याण, सद्भाव और खुशहाली का एक अनूठा संदेश दे रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग केवल शरीर को सशक्त नहीं बनाता, बल्कि मानसिक शांति, आंतरिक अनुशासन और भावनात्मक संतुलन प्राप्त करने में भी अहम भूमिका निभाता है। साहा ने कहा, 'मैं सभी से नियमित योग अभ्यास के माध्यम से एक स्वस्थ, संतुलित और जागरूक जीवनशैली अपनाने का आग्रह करता हूँ।'
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पृष्ठभूमि
साहा ने स्मरण कराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 2014 में संयुक्त राष्ट्र के समक्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा गया था। वैश्विक समुदाय की सर्वसम्मति से स्वीकृति के बाद 2015 से यह दिवस प्रतिवर्ष मनाया जा रहा है। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक है जब आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न तनाव और जीवनशैली-जनित रोगों में वैश्विक स्तर पर वृद्धि देखी जा रही है।
राज्यपाल और मंत्रियों की भागीदारी
त्रिपुरा के राज्यपाल इंद्र सेना रेड्डी नल्लू ने चारिलम स्थित भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में भाग लिया, जहाँ बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने योग सत्र में हिस्सा लिया। राज्य स्तरीय समारोह में खेल एवं युवा मामलों के मंत्री तिंकू रॉय, मुख्य सचिव जेके सिन्हा, पुलिस महानिदेशक अनुराग, अन्य मंत्री, विधायक और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी उपस्थित रहे। इन सभी ने मुख्यमंत्री के साथ योगाभ्यास और प्राणायाम किया।
जनभागीदारी और जिला स्तरीय आयोजन
कृषि एवं विद्युत मंत्री रतन लाल नाथ ने मोहनपुर क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक समग्र अनुशासन है जो स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है और अधिक उत्पादक एवं तनावमुक्त जीवन जीने में सहायता मिलती है। त्रिपुरा के विभिन्न जिलों, उपमंडलों और स्थानीय इलाकों में भी यह दिवस उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया गया, जिसमें छात्र, युवा प्रतिनिधि और विभिन्न आयु वर्ग के नागरिक शामिल हुए।
आगे की राह
कार्यक्रमों में दिखी व्यापक भागीदारी योग की बढ़ती सामाजिक स्वीकार्यता और आधुनिक जीवन में समग्र कल्याण के प्रति जागरूकता को दर्शाती है। राज्य सरकार के स्तर पर यह संकेत मिल रहे हैं कि योग को स्कूली पाठ्यक्रम और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों से और अधिक जोड़ा जाएगा, ताकि इसके लाभ जमीनी स्तर तक पहुँच सकें।