12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: एनडीएमसी के 9 स्थानों पर 6,000 लोगों ने किया योगाभ्यास
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) ने 21 जून 2026 को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के नौ प्रमुख स्थानों पर भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें कुल लगभग 6,000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आयुष मंत्रालय और आठ योग संस्थानों के सहयोग से आयोजित इन कार्यक्रमों में केंद्रीय मंत्रियों से लेकर आम नागरिकों तक सभी ने 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' विषय के अंतर्गत सामान्य योग प्रोटोकॉल का अभ्यास किया।
मुख्य घटनाक्रम
इस वर्ष के आयोजन में एनडीएमसी अध्यक्ष केशव चंद्र ने प्रतिभागियों का नेतृत्व किया। मुख्य कार्यक्रम शांति पथ पर आयोजित हुआ, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, आयुष मंत्रालय के सचिव और आर्ट ऑफ लिविंग के स्वयंसेवकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने लोधी गार्डन में आयोजित योग प्रोटोकॉल कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
केशव चंद्र ने मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के स्वयंसेवकों, वरिष्ठ अधिकारियों और एनडीएमसी कर्मचारियों के साथ पालिका सेवा अधिकारी संस्थान, चाणक्यपुरी में भी योगाभ्यास किया।
आयोजन स्थल और विस्तार
एनडीएमसी ने इस वर्ष नई दिल्ली के नौ स्थानों पर एक साथ कार्यक्रम आयोजित किए — लोधी गार्डन, टॉकटोरा गार्डन, कर्तव्य पथ, आईएएस आवासीय परिसर (न्यू मोती बाग), संजय झील (लक्ष्मी बाई नगर), पंडारा पार्क, पालिका पार्क (कनॉट प्लेस) और पीएसओआई - चाणक्यपुरी। इसके अतिरिक्त, एनडीएमसी परिषद सदस्य अनिल वाल्मीकि ने स्थानीय निवासियों, स्वयंसेवकों और कर्मचारियों के साथ वाल्मीकि सदन, मंदिर मार्ग में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया।
नेतृत्व के विचार
सभा को संबोधित करते हुए केशव चंद्र ने कहा, 'योग केवल एक दिन का अभ्यास नहीं है, यह एक जीवन शैली है जो हमारी दिनचर्या का अभिन्न अंग बन जानी चाहिए।' उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रतिदिन योग से शुरुआत करने पर शारीरिक तंदुरुस्ती, मानसिक स्पष्टता और आंतरिक संतुलन विकसित होता है। चंद्र के अनुसार, आज की तेज रफ्तार जीवनशैली में समग्र कल्याण और निरंतर ऊर्जा के लिए योग को अपनाना आवश्यक है।
परिषद सदस्य अनिल वाल्मीकि ने कहा कि यह योग कार्यक्रम एनडीएमसी की अपने कर्मचारियों और नागरिकों के बीच स्वस्थ जीवनशैली, समग्र कल्याण और तंदुरुस्ती की संस्कृति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब शहरी स्वास्थ्य संकट और गतिहीन जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि एनडीएमसी के इस आयोजन का 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' विषय वरिष्ठ नागरिकों में योग को लेकर बढ़ती जागरूकता और आयुष मंत्रालय की व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति के अनुरूप है। नौ स्थानों पर एक साथ आयोजन से नई दिल्ली के विभिन्न वर्गों के नागरिकों तक पहुँच सुनिश्चित हुई।
क्या होगा आगे
एनडीएमसी के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि योग को नियमित सामुदायिक कार्यक्रमों में शामिल करने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। इस आयोजन की सफलता आगामी वर्षों में और अधिक स्थानों तथा प्रतिभागियों को जोड़ने की संभावना को बल देती है।