27 जून 2026
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मार्को रुबियो बोले — मोदी भारत के वैश्विक उत्थान के नेता, भारत-अमेरिका साझेदारी अभूतपूर्व

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मार्को रुबियो बोले — मोदी भारत के वैश्विक उत्थान के नेता, भारत-अमेरिका साझेदारी अभूतपूर्व

सारांश

व्हाइट हाउस में दिए एक विशेष साक्षात्कार में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने PM मोदी को वैश्विक उत्थान का नेता बताया, भारत को अमेरिका का सबसे करीबी रणनीतिक साझेदार कहा और दोनों राष्ट्राध्यक्षों के संबंधों को कूटनीति की दृष्टि से असाधारण बताया।

मुख्य बातें

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 27 जून 2026 को व्हाइट हाउस में PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की।
रुबियो ने भारत को अमेरिका के सबसे करीबी रणनीतिक साझेदारों में बताया और दोनों नेताओं के संबंधों को अभूतपूर्व कहा।
अर्थव्यवस्था, आपूर्ति श्रृंखला, महत्त्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को सहयोग के प्रमुख क्षेत्र बताया।
भारतीय-अमेरिकी समुदाय को दोनों देशों के बीच 'अतिरिक्त जुड़ाव का ज़रिया' बताया।
रुबियो ने भारत और अमेरिका को क्रमशः दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पुराने लोकतंत्र के रूप में साझा मूल्यों का आधार बताया।

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 27 जून 2026 को व्हाइट हाउस में एक विशेष साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की मुक्त कंठ से सराहना की और कहा कि मोदी एक ऐसे देश का नेतृत्व कर रहे हैं जो तेज़ी से एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है। रुबियो ने भारत को अमेरिका के सबसे निकट रणनीतिक साझेदारों में गिनाया और दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच संबंधों को असाधारण रूप से घनिष्ठ बताया।

मोदी के नेतृत्व पर रुबियो की टिप्पणी

रुबियो ने कहा, 'हम प्रधानमंत्री मोदी और उनके काम के बड़े प्रशंसक हैं। वह ऐसे देश का नेतृत्व कर रहे हैं जिसकी अर्थव्यवस्था तेज़ी से आगे बढ़ रही है और जो वास्तव में एक वैश्विक शक्ति के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। वैश्विक मंचों पर लिए जाने वाले फ़ैसलों में भारत की भूमिका और राय को लगातार अधिक महत्त्व दिया जा रहा है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन प्रधानमंत्री मोदी का गहरा सम्मान करता है।

दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी

रुबियो ने कहा, 'भारत, अमेरिका का बहुत करीबी साझेदार और सहयोगी है और प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बीच संबंध इससे ज़्यादा करीबी नहीं हो सकता, जो मुझे लगता है कि कूटनीति में बहुत ज़रूरी है।' उन्होंने लोकतंत्र के साझा मूल्यों को दोनों देशों के सहयोग की आधारशिला बताया। गौरतलब है कि पिछले दो दशकों में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी रक्षा, व्यापार, तकनीक, ऊर्जा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र तक व्यापक रूप से विस्तारित हुई है।

सहयोग के प्रमुख क्षेत्र

विदेश मंत्री रुबियो ने अर्थव्यवस्था, आपूर्ति श्रृंखला, महत्त्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को उन प्रमुख क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया जिनमें दोनों देश सहयोग को निरंतर गहरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'ये सभी ऐसे मुद्दे हैं जो हमें एक साथ जोड़ते हैं। हम कई विषयों पर एकजुट हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के पुनर्गठन की प्रक्रिया जारी है।

भारतीय-अमेरिकी समुदाय की भूमिका

रुबियो ने दोनों देशों के बीच सेतु के रूप में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'आपके पास एक बहुत मज़बूत भारतीय-अमेरिकी समुदाय भी है, जो हमारे देशों के बीच एक अतिरिक्त जुड़ाव का ज़रिया है।' जब उन्हें बताया गया कि वह इस समुदाय में लोकप्रिय हैं, तो रुबियो ने कहा, 'यह एक ऐसा समुदाय है जिसने हमारे देश को कई तरह से बेहतर बनाया है।'

ऐतिहासिक संदर्भ

अमेरिका में विभिन्न प्रशासनों ने भारत-अमेरिका संबंधों को 21वीं सदी की सबसे महत्त्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारियों में से एक बताया है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका सबसे पुराना — रुबियो के अनुसार यह साझा लोकतांत्रिक विरासत दोनों देशों को स्वाभाविक रूप से एक-दूसरे के करीब लाती है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और रक्षा सहयोग के और विस्तार की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि अमेरिकी प्रशंसा अक्सर व्यापार घाटे और टैरिफ विवादों के बीच झूलती रहती है, जो इस 'अभूतपूर्व' साझेदारी की व्यावहारिक सीमाएँ उजागर करती है। भारतीय-अमेरिकी समुदाय का उल्लेख महत्त्वपूर्ण है — यह घरेलू अमेरिकी राजनीति में एक बढ़ते मतदाता वर्ग को साधने की कोशिश भी हो सकती है। असली परीक्षा यह होगी कि यह कूटनीतिक उष्मा महत्त्वपूर्ण खनिज समझौतों, रक्षा सह-उत्पादन और तकनीक हस्तांतरण में ठोस परिणामों में कितनी तेज़ी से बदलती है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मार्को रुबियो ने PM मोदी के बारे में क्या कहा?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 27 जून 2026 को व्हाइट हाउस में कहा कि वे PM मोदी और उनके काम के बड़े प्रशंसक हैं और मोदी एक ऐसे देश का नेतृत्व कर रहे हैं जो तेज़ी से वैश्विक शक्ति बन रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक मंचों पर भारत की राय को लगातार अधिक महत्त्व दिया जा रहा है।
भारत-अमेरिका साझेदारी में कौन-से क्षेत्र शामिल हैं?
रुबियो ने अर्थव्यवस्था, आपूर्ति श्रृंखला, महत्त्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को प्रमुख सहयोग क्षेत्र बताया। पिछले दो दशकों में दोनों देशों की साझेदारी रक्षा, व्यापार, तकनीक और हिंद-प्रशांत तक विस्तारित हुई है।
रुबियो ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बारे में क्या कहा?
रुबियो ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय को दोनों देशों के बीच 'अतिरिक्त जुड़ाव का ज़रिया' बताया। उन्होंने कहा कि यह समुदाय अमेरिका को कई तरह से बेहतर बनाने में योगदान देता है।
ट्रंप प्रशासन भारत को किस नज़रिए से देखता है?
रुबियो के अनुसार ट्रंप प्रशासन भारत को अमेरिका के सबसे करीबी रणनीतिक साझेदारों में से एक मानता है। उन्होंने PM मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच व्यक्तिगत संबंधों को कूटनीतिक दृष्टि से असाधारण रूप से घनिष्ठ बताया।
भारत और अमेरिका के बीच लोकतांत्रिक साझेदारी का आधार क्या है?
रुबियो ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा और अमेरिका सबसे पुराना लोकतंत्र है, जो दोनों देशों के बीच साझा मूल्यों और हितों का स्वाभाविक आधार बनाता है। उन्होंने कहा कि यह साझा लोकतांत्रिक विरासत कई क्षेत्रों में मिलकर काम करने का मज़बूत ढाँचा प्रदान करती है।
राष्ट्र प्रेस
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