बिनॉय जॉर्ज उरुग्वे में भारत के नए राजदूत नियुक्त, 2006 बैच के IFS अधिकारी संभालेंगे कार्यभार
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय ने 24 जून 2025 को घोषणा की कि डॉ. बिनॉय जॉर्ज को ओरिएंटल रिपब्लिक ऑफ उरुग्वे में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है। 2006 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी जॉर्ज फिलहाल नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के अंतर्गत संयुक्त सचिव (कोंसुलर, पासपोर्ट एवं वीजा — CPV) पद पर कार्यरत हैं और जल्द ही अपना नया कार्यभार संभालेंगे।
नई नियुक्ति की पृष्ठभूमि
इस नियुक्ति से पूर्व अर्जेंटीना में भारत के राजदूत अजनीश कुमार समवर्ती मान्यता (concurrent accreditation) के तहत उरुग्वे में राजदूत की अतिरिक्त जिम्मेदारी निभा रहे थे। डॉ. जॉर्ज की नियुक्ति से उरुग्वे को अब एक समर्पित राजदूत मिलेगा, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देगा।
गौरतलब है कि भारत और उरुग्वे के बीच राजनयिक संबंध 1960 में स्थापित हुए थे और हाल ही में दोनों देशों ने इन संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया।
डॉ. बिनॉय जॉर्ज का राजनयिक अनुभव
विदेश मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, डॉ. जॉर्ज एक बहुआयामी और अनुभवी राजनयिक हैं। उन्होंने जर्मनी (बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास एवं म्यूनिख महावाणिज्य दूतावास), बेल्जियम, स्पेन, नीदरलैंड, श्रीलंका और यूरोपीय संघ में सेवाएँ दी हैं।
इसके अलावा वे बांग्लादेश में भारत के उप उच्चायुक्त और बैंकॉक (थाईलैंड) स्थित भारतीय दूतावास में भी तैनात रह चुके हैं। उन्होंने UNESCAP (एशिया और प्रशांत के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग) में भारत के वैकल्पिक उप स्थायी प्रतिनिधि (DPR) के रूप में भी देश का प्रतिनिधित्व किया है।
भारत-उरुग्वे संबंध: सांस्कृतिक और आर्थिक धरातल
ब्यूनस आयर्स स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, उरुग्वे में भारतीय संस्कृति, योग और आध्यात्मिक संगठनों की उल्लेखनीय उपस्थिति है। साईं बाबा, इस्कॉन, आर्ट ऑफ लिविंग और ब्रह्माकुमारी जैसे संगठनों के सैकड़ों अनुयायी वहाँ सक्रिय हैं।
2025 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 20 से अधिक योग विद्यालयों और सैकड़ों प्रतिभागियों की भागीदारी दर्ज की गई। सांस्कृतिक कूटनीति के अंतर्गत मोन्टेविडियो में महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर पर डाक टिकट जारी किए गए हैं, जबकि कथकली, ओडिसी जैसे शास्त्रीय नृत्य प्रदर्शन और 'फेस्टिवल ऑफ इंडिया' जैसे कार्यक्रम भी आयोजित होते रहे हैं।
व्यापार, तकनीक और भारतीय समुदाय
उरुग्वे क्षेत्रीय व्यापार संगठन मर्कोसुर का मुख्यालय है, जिसके साथ भारत का प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट 2004 में हस्ताक्षरित हुआ और 2009 में लागू हुआ। इस समझौते के तहत दोनों पक्षों को चुनिंदा उत्पादों पर रियायती शुल्क का लाभ मिलता है।
तकनीकी सहयोग के तहत भारत प्रतिवर्ष उरुग्वे को 5 ITEC छात्रवृत्तियाँ प्रदान करता है और कई उरुग्वेयन राजनयिक नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान में प्रशिक्षण ले चुके हैं। उरुग्वे में लगभग 1,000 भारतीय निवासी हैं, जिनमें करीब 500 TCS में कार्यरत हैं, जबकि शेष IT और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
डॉ. जॉर्ज की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत लैटिन अमेरिका में अपनी कूटनीतिक और व्यापारिक उपस्थिति को व्यापक बनाने पर जोर दे रहा है। ALADI जैसे मंचों पर भी भारत के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को सुदृढ़ करने के प्रयास जारी हैं।