देवेश उत्तम बनेंगे इथियोपिया में भारत के नए राजदूत, विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय (MEA) ने 6 अगस्त 2026 को घोषणा की कि 2003 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी देवेश उत्तम को फेडरल डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ इथियोपिया में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया गया है। वे शीघ्र ही अपना कार्यभार संभालेंगे और 2001 बैच के IFS अधिकारी अनिल कुमार राय का स्थान लेंगे, जो वर्तमान में इथियोपिया में भारत के राजदूत हैं।
नियुक्ति की पृष्ठभूमि
फिलहाल देवेश उत्तम बाल्टिक देश लिथुआनिया गणराज्य में भारत के राजदूत के रूप में कार्यरत हैं। उनकी यह नई नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत और इथियोपिया के द्विपक्षीय संबंध नई ऊँचाइयों पर हैं। दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधिकारिक इथियोपिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया गया था।
उस यात्रा में इथियोपिया ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया' से भी सम्मानित किया था, और दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे। इस कूटनीतिक संदर्भ में उत्तम की नियुक्ति को रणनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
देवेश उत्तम का राजनयिक अनुभव
उत्तर प्रदेश मूल के देवेश उत्तम ने 2003 में भारतीय विदेश सेवा में प्रवेश किया। इससे पहले उन्होंने भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में विदेश व्यापार के सहायक महानिदेशक के रूप में कार्य किया था।
विदेशों में उनके राजनयिक अनुभव में तेहरान स्थित भारतीय दूतावास में उप मिशन प्रमुख और न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारतीय स्थायी मिशन में काउंसलर का पद शामिल है। न्यूयॉर्क में कार्यकाल के दौरान उन्हें 2013 से 2016 तक संयुक्त राष्ट्र प्रशासनिक एवं बजटीय मामलों की सलाहकार समिति (ACABQ) का सदस्य भी चुना गया था। इसी दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र लोकतंत्र कोष के सलाहकार बोर्ड में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
उन्होंने त्रिपोली स्थित भारतीय दूतावास में राजनीतिक एवं वाणिज्यिक विभाग और दमिश्क स्थित भारतीय दूतावास में संस्कृति एवं सूचना विभाग का नेतृत्व किया। घरेलू स्तर पर, नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय में वे कांसुलर, पासपोर्ट और वीजा (CPV) विभाग के प्रमुख रहे और प्रत्यर्पण मामलों के लिए केंद्रीय प्राधिकरण कार्यालय के प्रभारी भी थे। इसके अलावा उन्होंने निदेशक (प्रशासन) और अवर सचिव/उप सचिव (खाड़ी) सहित कई पदों पर भी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता और भाषाई दक्षता
देवेश उत्तम ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), नई दिल्ली से स्नातकोत्तर और एमफिल की उपाधि प्राप्त की है। उनके एमफिल शोध का विषय 'यूरोपीय संघ का पूर्वी विस्तार' था, जिसमें नए सदस्य देशों के लिए लागत-लाभ विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया गया था। उन्होंने भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (IIFT), नई दिल्ली से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का भी अध्ययन किया है।
भाषाई दक्षता के मामले में वे हिंदी, अंग्रेजी और अरबी में पारंगत हैं तथा फ्रेंच और संस्कृत का भी अध्ययन कर चुके हैं — एक ऐसी बहुभाषिक क्षमता जो अफ्रीकी महाद्वीप पर भारतीय कूटनीति को नई धार दे सकती है।
भारत-इथियोपिया संबंधों पर असर
रणनीतिक साझेदारी के नए ढाँचे और दिसंबर 2025 में हुए समझौतों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब देवेश उत्तम के कंधों पर होगी। इथियोपिया अफ्रीकी संघ का मुख्यालय होने के कारण कूटनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, और यह नियुक्ति भारत की अफ्रीका-केंद्रित विदेश नीति को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।