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परिसीमन बिल पर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया, अमित शाह ने दिया जवाब

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परिसीमन बिल पर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया, अमित शाह ने दिया जवाब

सारांश

नई दिल्ली में परिसीमन बिल 2026 पर हंगामा, विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दी प्रतिक्रियाएँ, सपा का आरोप: संविधान की भावना के खिलाफ। जानें पूरी कहानी।

मुख्य बातें

परिसीमन बिल 2026 का उद्देश्य सीटों का पुनर्निर्धारण है।
विपक्ष ने संविधान के खिलाफ बताया है।
सपा ने महिलाओं के हित में बिल वापस लेने की मांग की है।
अमित शाह का कहना है कि जनगणना का कार्य चल रहा है।
धर्मेंद्र यादव के आरोप पर शाह ने जवाब दिया कि जाति नहीं, घरों की गिनती हो रही है।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा के विशेष सत्र में गुरुवार को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने परिसीमन बिल 2026 पेश किया। इस बिल का मुख्य उद्देश्य लोकसभा में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए सीटों का पुनर्निर्धारण करना, विधानसभा सीटों की संख्या तय करना और राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को चुनावी क्षेत्रों में विभाजित करना है।

जैसे ही यह बिल सदन में प्रस्तुत हुआ, विपक्ष ने इसका तीव्र विरोध शुरू कर दिया। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने सबसे पहले विरोध प्रकट किया, जिसके बाद सदन में हंगामा मच गया। इससे पहले सत्र की शुरुआत में सदन ने प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया।

परिसीमन बिल पर समाजवादी पार्टी ने भी कड़ा रुख अपनाया। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि संसद को संविधान की रक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन यह बिल संविधान की भावना के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन को जनगणना से अलग करना गलत है और इससे संवैधानिक ढांचे पर असर पड़ेगा।

धर्मेंद्र यादव ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा महिलाओं के हित में आगे रही है और सरकार से मांग की कि इस संविधान संशोधन और परिसीमन बिल को वापस लिया जाए।

वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए सरकार से सवाल किया कि इतनी जल्दी क्यों की जा रही है। उन्होंने पूछा कि सरकार जनगणना क्यों नहीं करा रही है। इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि जनगणना का कार्य प्रारंभ हो चुका है।

अमित शाह ने धर्मेंद्र यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे कह रहे हैं कि इसमें कॉलम नहीं है, जबकि उन्हें समझना चाहिए कि फिलहाल घरों की गिनती हो रही है, न कि उनकी जाति की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि समाजवादी पार्टी को मौका मिले, तो वह घरों की जाति भी निर्धारित कर देगी।

केंद्रीय गृहमंत्री ने यह भी कहा कि धर्मेंद्र यादव द्वारा मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की बात असंवैधानिक है, क्योंकि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की कोई अनुमति नहीं है।

इस पर अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि क्या मुस्लिम महिलाएं आधी आबादी का हिस्सा नहीं हैं। इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती है तो अपनी सभी टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे सकती है, उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आगे की चुनावी प्रक्रिया पर भी प्रभाव डाल सकते हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परिसीमन बिल क्या है?
परिसीमन बिल का उद्देश्य लोकसभा और विधानसभा में सीटों का पुनर्निर्धारण करना है।
विपक्ष ने इस बिल पर क्या प्रतिक्रिया दी?
विपक्ष ने इस बिल का कड़ा विरोध किया, इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताया।
अमित शाह का इस बिल पर क्या कहना था?
अमित शाह ने कहा कि जनगणना का कार्य प्रारंभ हो चुका है और उन्होंने सपा के आरोपों का खंडन किया।
क्या मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की मांग उचित है?
अमित शाह ने इसे असंवैधानिक बताया, जबकि अखिलेश यादव ने इसे जनसंख्या का हिस्सा बताया।
इस बिल का आगे क्या असर होगा?
इस बिल के प्रभाव से चुनावी प्रक्रियाओं में बदलाव संभव है, जिससे राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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