महिला सशक्तिकरण पर जोर: नारी शक्ति वंदन अभियान में महत्वपूर्ण चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं का सशक्तिकरण समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है।
- 'नारी वंदन अधिनियम, 2023' महिलाओं के लिए राजनीतिक आरक्षण सुनिश्चित करता है।
- महिलाओं की भागीदारी से लोकतंत्र और मजबूत होगा।
- यह पहल महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाने का प्रयास है।
- कार्यक्रम में प्रमुख महिलाएँ और अधिकारी शामिल हुए।
गौतमबुद्धनगर, १७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 'सशक्त नारी, सशक्त भारत' के उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण परिसर में “नारी शक्ति वंदन अभियान” के तहत एक महत्वपूर्ण चर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज की प्रमुख और सम्मानित महिलाओं ने “नारी शक्ति वंदन” विषय पर अपने विचार, अनुभव और सुझाव प्रस्तुत किए।
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी निवेदिता पी. हरन, आईबीए एसोसिएशन की उपाध्यक्ष डॉ. खुशबू सिंह, वकील कविता नागर, लोकल कंप्लायंस कमेटी की सदस्य माला भंडारी और वेदिका फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. सपना ने वार्ता को संबोधित करते हुए महिला सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर गहराई से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में महिलाओं की भूमिका समाज के हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही है, और समान अवसर प्रदान करना आवश्यक है।
इस दौरान 'नारी वंदन अधिनियम, २०२३' को ऐतिहासिक करार देते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह कानून महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अधिनियम के अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए ३३ प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाओं के लिए उप-आरक्षण भी सुनिश्चित किया गया है। हालाँकि, यह व्यवस्था जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद लागू होगी।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ने से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी से नीतियाँ अधिक समावेशी और संतुलित बनेंगी। इससे लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता प्राप्त होगी।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अभियान' के माध्यम से महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह अभियान न केवल महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करेगा, बल्कि उन्हें नेतृत्व के अवसर भी प्रदान करेगा।
इस अवसर पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीलक्ष्मी वी.एस., ओएसडी अर्चना द्विवेदी, गुंजा सिंह, और उपजिलाधिकारी दादरी अनुज नेहरा सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।