अमित शाह का TMC पर बड़ा हमला: 'भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का सूरज अस्त हो चुका'
सारांश
Key Takeaways
- गृह मंत्री अमित शाह ने 23 अप्रैल 2026 को X पर TMC को 'डूबता सूरज' बताते हुए भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी पर हमला बोला।
- पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया।
- दूसरा चरण 29 अप्रैल 2026 को होगा, जिसमें 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रैली में 'झालमुड़ी ब्रेक' वाले तंज से TMC को निशाना बनाया।
- बुधवार, 22 अप्रैल को शाह ने कहा था कि कोलकाता को झुग्गी में बदल दिया गया, जिस पर TMC ने भाजपा नेताओं को 'बाहरी' करार दिया।
- TMC पिछले 15 वर्षों से बंगाल में सत्तारूढ़ है और इस बार 294 सीटों पर दो चरणों में चुनाव हो रहे हैं।
नई दिल्ली, 23 अप्रैल 2026 — केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर करारा प्रहार किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर डूबते सूरज का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि 'TMC के भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का सूरज अस्त हो चुका है।' यह बयान उस दिन आया जब पहले चरण में 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान संपन्न हुआ।
शाह का तंज और मोदी का 'झालमुड़ी ब्रेक' वाला निशाना
गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान से कुछ घंटे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली में कहा था कि उनके पिछले प्रचार दौरे में लिया गया 'झालमुड़ी ब्रेक' कुछ लोगों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ था। राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे TMC पर सीधा व्यंग्य माना।
भाजपा की रणनीति स्पष्ट है — चुनाव के दिन ही सोशल मीडिया पर प्रतीकात्मक संदेश देकर मतदाताओं की भावनाओं को प्रभावित करना। 'डूबता सूरज' का रूपक महज एक बयान नहीं, बल्कि 15 साल की TMC सरकार के अंत का संकेत देने की सुनियोजित कोशिश है।
बुधवार से जारी है जुबानी जंग
बुधवार, 22 अप्रैल को अमित शाह ने आरोप लगाया था कि कोलकाता को झुग्गी बस्ती में तब्दील कर दिया गया है। इस पर TMC नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेताओं को 'बाहरी' करार दिया और कहा कि वे बंगाल की संस्कृति और जनता को नहीं समझते।
यह बयानबाजी दोनों दलों के बीच गहरी खाई को दर्शाती है। TMC जहां ममता बनर्जी के नेतृत्व में 'बंगाल की बेटी' का कार्ड खेल रही है, वहीं भाजपा भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों को केंद्र में रख रही है।
पहले चरण का मतदान — 152 सीटों पर जनता का फैसला
गुरुवार, 24 अप्रैल को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हुआ। मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया।
इन जिलों में उत्तर बंगाल से कूचबिहार, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा शामिल हैं। वहीं दक्षिण बंगाल से मुर्शिदाबाद, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुरा, पश्चिम बर्धमान और बीरभूम में वोट डाले गए।
दूसरे और अंतिम चरण में 29 अप्रैल 2026 को 142 सीटों पर मतदान होगा। कुल मिलाकर 294 विधानसभा सीटों पर यह चुनाव दो चरणों में संपन्न होगा।
गहरा विश्लेषण: 15 साल की TMC सरकार और भाजपा की चुनौती
तृणमूल कांग्रेस पिछले 15 वर्षों से पश्चिम बंगाल की सत्ता में है। 2011 में ममता बनर्जी ने 34 साल पुरानी वाम मोर्चा सरकार को उखाड़ फेंका था। तब से लगातार तीन बार — 2011, 2016 और 2021 में — TMC ने जीत दर्ज की है।
2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 77 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी दल का दर्जा हासिल किया था, लेकिन TMC ने 213 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत पाया था। इस बार भाजपा उस अंतर को पाटने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि शारदा चिटफंड घोटाला, नारदा स्टिंग ऑपरेशन, SSC भर्ती घोटाला और राशन वितरण घोटाले जैसे मामलों में TMC नेताओं के नाम सामने आ चुके हैं। भाजपा इन्हीं मुद्दों को केंद्र में रखकर 'डूबता सूरज' का रूपक गढ़ रही है।
हालांकि, TMC का तर्क है कि लक्ष्मीर भंडार, कन्याश्री और स्वास्थ्य साथी जैसी कल्याण योजनाओं ने जमीनी स्तर पर महिलाओं और गरीबों का समर्थन बनाए रखा है।
आगे क्या?
29 अप्रैल 2026 को दूसरे चरण का मतदान होगा, जिसके बाद मतगणना की तारीख घोषित की जाएगी। उच्च मतदान प्रतिशत को लेकर दोनों दल अपने-अपने पक्ष में व्याख्या कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उत्तर बंगाल की सीटें इस बार निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं, जहां भाजपा पिछली बार मजबूत रही थी।