आजमगढ़ हत्याकांड: प्रॉपर्टी विवाद में सुशील कुमार की हत्या, मृतक के दो साथी उमाशंकर व वीरेंद्र गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र में जमीन की डीलिंग और पैसों के लेनदेन को लेकर हुई सुशील कुमार की हत्या का पुलिस ने 26 मई 2026 को खुलासा कर दिया। मृतक के दो करीबी साथियों — उमाशंकर उर्फ पिन्टू यादव और वीरेंद्र उर्फ बिन्दू यादव — को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार यह हत्या पूर्व नियोजित थी और आरोपियों ने अपराध को छुपाने के लिए भ्रामक साजिश भी रची थी।
मुख्य घटनाक्रम
जहानागंज थाना क्षेत्र के कोढ़वा गांव निवासी सुनील कुमार ने 21 मई को मुबारकपुर थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि उनके भाई सुशील कुमार 20 मई की रात अपने साथी उमाशंकर उर्फ पिन्टू यादव के साथ चार पहिया वाहन से एक निमंत्रण कार्यक्रम में गए थे।
देर रात सूचना मिली कि रानीपुर गांव जाने वाले मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास पंकज सिंह उर्फ सोनू सिंह, अवनीश यादव उर्फ बबलू यादव और एक अज्ञात व्यक्ति ने सुशील कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हत्या और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू की।
जाँच का तरीका
जाँच के दौरान पुलिस ने सीडीआर विश्लेषण, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिको-लीगल रिपोर्ट, फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद और घटनास्थल के सीन रीक्रिएशन का सहारा लिया। वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर उमाशंकर उर्फ पिन्टू यादव और वीरेंद्र उर्फ बिन्दू यादव पर संदेह गहरा हुआ।
इसके बाद पुलिस ने सठियांव रेलवे स्टेशन के पास से उमाशंकर यादव को गिरफ्तार किया, जिसके पास से ₹400 बरामद हुए। दूसरी कार्रवाई में वीरेंद्र उर्फ बिन्दू यादव को कोढ़वा अचलपार मार्ग स्थित मंदिर के पास से पकड़ा गया, जिसके पास से ₹150 मिले। आरोपी की निशानदेही पर झाड़ियों से 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।
हत्या की साजिश का खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी। 20 मई की रात उमाशंकर यादव ने वीरेंद्र यादव को रानीपुर बुलाया था। उस समय गाड़ी में सुशील कुमार पहले से मौजूद था और वह नशे की हालत में था।
पुलिस के अनुसार, सुनसान रास्ते पर जमीन के लेनदेन और पैसों के विवाद को लेकर उमाशंकर ने सुशील कुमार के सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने जाँच को भटकाने के लिए गाड़ी के शीशे पर भी एक फायर किया और तमंचा वीरेंद्र यादव को छिपाने के लिए सौंप दिया।
पुलिस अधीक्षक की प्रतिक्रिया
आजमगढ़ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि पाँच दिन पूर्व एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या की सूचना मिली थी। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियोग्राफी, मेडिको-लीगल रिपोर्ट और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की सहायता से यह स्पष्ट हुआ कि गाड़ी में मौजूद उमाशंकर ने अपने साथी बिन्दू यादव के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया था।
डॉ. कुमार ने यह भी बताया कि आरोपियों ने घटना को दूसरा रूप देकर अन्य निर्दोष लोगों को फंसाने की साजिश रची थी, लेकिन वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
आगे की कार्रवाई
दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब प्रारंभिक तहरीर में नामजद पंकज सिंह उर्फ सोनू सिंह और अवनीश यादव उर्फ बबलू यादव की भूमिका की भी जाँच कर रही है, जिन पर मूल शिकायत में आरोप लगाए गए थे। मामले में आगे की विवेचना जारी है।