12 जुलाई 2026
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क्या झारखंड में आदिवासी कांग्रेस नेता सुमित तिग्गा की हत्या का खुलासा हुआ?

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क्या झारखंड में आदिवासी कांग्रेस नेता सुमित तिग्गा की हत्या का खुलासा हुआ?

सारांश

झारखंड के खूंटी में आदिवासी कांग्रेस नेता सुमित तिग्गा की हत्या की गुत्थी सुलझाई गई है। पुलिस ने दो दोस्तों को गिरफ्तार किया जो 85 हजार रुपए की रंजिश में शामिल थे। जानिए इस वारदात के पीछे की कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।

मुख्य बातें

सुमित तिग्गा की हत्या का मामला जमीन के विवाद से जुड़ा हुआ है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो दोस्तों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त देसी कट्टा और अन्य सामान बरामद किया गया।

रांची, 28 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के खूंटी जिले के कर्रा थाना क्षेत्र में स्थित गुयू गांव में आदिवासी कांग्रेस के युवा नेता सुमित तिग्गा की हत्या के एक सप्ताह बाद पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया है। खूंटी जिले के पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो ने बताया कि जमीन खरीद-बिक्री के लेन-देन में 85 हजार रुपए नहीं मिलने से नाराज उनके दो दोस्तों ने इस वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस ने गुयू गांव के निवासी संजय बालमुचू और दशरथ मुंडा को गिरफ्तार किया। 22 दिसंबर की रात सुमित तिग्गा की गांव के करीब जंगल में गोली मारकर हत्या की गई थी। इस घटना के बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। शनिवार को मिली गुप्त सूचना पर दोनों आरोपी अपने-अपने घरों में छिपे हुए थे। इसके बाद तोरपा एसडीपीओ ख्रिस्टोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया और त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सुमित तिग्गा ने जमीन बिक्री से मिले पैसों में से 85 हजार रुपए नहीं दिए। इसी रंजिश के कारण दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई और इसे अंजाम दिया। आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त एक देसी कट्टा, एक जिंदा गोली और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

सुमित तिग्गा को उनके दो दोस्तों ने घर से बुलाकर गांव की ओर ले गए थे। बाद में जंगल के पास अलाव तापते समय उन पर पीछे से गोली चलाई गई। गंभीर रूप से घायल सुमित को रांची के देवनिका अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसडीपीओ और कर्रा थाना के अवर निरीक्षक दीपक कांत कुमार, जीतेंद्र राम, जुगेश सिंह, सुनील कुमार दास सहित रिजर्व गार्ड के जवान शामिल थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना समाज में व्याप्त आपराधिक गतिविधियों की गंभीरता को दर्शाती है। इस प्रकार की घटनाएँ न केवल स्थानीय समुदाय को प्रभावित करती हैं, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक चेतावनी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन हमें इस समस्या के मूल कारणों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुमित तिग्गा की हत्या कब हुई?
सुमित तिग्गा की हत्या 22 दिसंबर को हुई थी।
पुलिस ने हत्यारों को कब गिरफ्तार किया?
पुलिस ने दोनों हत्यारों को 28 दिसंबर को गिरफ्तार किया।
हत्यारों का कारण क्या था?
हत्यारों ने सुमित से 85 हजार रुपए की मांग को लेकर हत्या की योजना बनाई।
राष्ट्र प्रेस
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