क्या अलीगढ़ में डबल मर्डर की साजिश दोस्त ने रची?
सारांश
Key Takeaways
- अलीगढ़ में डबल मर्डर की घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचाया।
- दो मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
- हत्या का कारण कर्ज और आपसी रंजिश थी।
- पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से मामले को सुलझाया।
- अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
अलीगढ़, 27 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के खैर थाना क्षेत्र में बरखा चौकी के निकट एक कार में मिले दो शवों की हत्या का पुलिस ने केवल दो दिन में खुलासा कर दिया है।
यह डबल मर्डर का यह चौंकाने वाला मामला पुराने कर्ज के कारण आपसी प्रतिशोध से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और इस घटना में शामिल कपड़े तथा लूटे गए पैसे को बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि 25 दिसंबर की रात को खैर क्षेत्र में एक ट्राइबर कार सड़क किनारे खड़ी मिली थी। कार के अंदर दो युवकों के शव थे, जिनकी गोली मारकर हत्या की गई थी। दोनों के सिर और सीने में गोली के घाव पाए गए। सूचना मिलते ही पुलिस वहां पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। जांच के दौरान मृतकों की पहचान थाना लोधा क्षेत्र के रहने वाले बॉबी और उसके मित्र मोहित के रूप में हुई।
तफ्तीश में लगी पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर मामले को सुलझाया। आरोपियों धर्मेंद्र और उसके साथी बॉस प्रताप सिंह उर्फ देव को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से घटना के दौरान पहने हुए खून से सने कपड़े और लूटे गए 24 हजार रुपये मिले।
एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी धर्मेंद्र पर मृतक बॉबी का ढाई लाख रुपये का कर्ज था। बॉबी बार-बार अपने पैसे मांग रहा था, जिससे तंग आकर धर्मेंद्र ने हत्या की साजिश रची।
धर्मेंद्र ने अपने साथियों बॉस प्रताप सिंह, हरीश और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर योजना बनाई। उसने बॉबी को नई कार खरीदने के बहाने बुलाया। बॉबी अपने दोस्त मोहित को साथ लेकर आया। मौका पाते ही आरोपियों ने दोनों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और हत्या कर शवों को कार में ही छोड़कर फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।