त्रिपुरा में ₹105.73 करोड़ की 11 परियोजनाओं का उद्घाटन, सीएम माणिक साहा बोले — मोदी के विजन पर चल रहा राज्य
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने मंगलवार, 14 जुलाई को दक्षिण त्रिपुरा के गोमती जिले के उदयपुर स्थित राजर्षि हॉल में ₹105.73 करोड़ की लागत वाली 11 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास-विजन को ज़मीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री साहा ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य में लगभग ₹1,500 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया था। चालू वित्त वर्ष में अब तक ₹121 करोड़ से अधिक की परियोजनाएँ शुरू की जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार ने इस वर्ष बुनियादी ढाँचे के लिए ₹10,000 करोड़ का पूंजीगत व्यय निर्धारित किया है।
गौरतलब है कि यह उद्घाटन ऐसे समय में हुआ है जब त्रिपुरा को हाल ही में आयोजित डेस्टिनेशन त्रिपुरा कॉन्क्लेव 2026 में ₹1.21 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं — जो सरकार के मूल ₹1 लाख करोड़ के लक्ष्य से अधिक है। इस सम्मेलन में देश-विदेश से 1,200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने गैर-संचारी रोगों — जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), कैंसर, क्रॉनिक किडनी डिजीज और अल्कोहलिक फैटी लिवर — को राज्य में बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों की समय रहते पहचान ज़रूरी है, इसलिए राज्य सरकार ने 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों की जाँच के लिए राज्यव्यापी स्क्रीनिंग कार्यक्रम शुरू किया है, जिसका लक्ष्य हर वर्ष 15 लाख लोगों की स्क्रीनिंग करना है।
इस दिशा में सरकार ने मुख्यमंत्री निरामय आरोग्य अभियान, एकीकृत प्रयोगशाला नेटवर्क और स्टॉप डायरिया अभियान जैसी योजनाएँ लागू की हैं। साहा ने कहा, 'रोकथाम के उपायों के बिना 'सुस्थ त्रिपुरा' का सपना पूरा नहीं हो सकता।'
उन्होंने यह भी बताया कि एक नए सिविल अस्पताल की शुरुआत 50 बिस्तरों के साथ हुई है, जहाँ सभी प्रमुख चिकित्सा विभाग और 24 घंटे ओपीडी सेवाएँ उपलब्ध होंगी। यदि यह मॉडल सफल रहा, तो इसे राज्य की शेष 19 नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।
कनेक्टिविटी और HIRA मॉडल
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के HIRA मॉडल — यानी हाईवे, इंटरनेटवे, रेलवे और एयरवे — का उल्लेख करते हुए कहा कि इस ढाँचे ने पूर्वोत्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बदलाव लाया है। उनके अनुसार इस पहल से त्रिपुरा की राष्ट्रीय पहचान मजबूत हुई है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
आर्थिक प्रगति और पुरस्कार
साहा ने बताया कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है और त्रिपुरा को विभिन्न क्षेत्रों में 350 से अधिक राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखते हुए भविष्योन्मुखी परियोजनाओं पर काम कर रही है।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री प्रणजीत सिंघा रॉय, समाज कल्याण मंत्री टिंकू रॉय, विधायक अभिषेक देबरॉय और जितेंद्र मजूमदार, सचिव किरण गित्ते और पी.के. चक्रवर्ती सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। आने वाले महीनों में राज्य सरकार की विकास परियोजनाओं की गति और तेज़ होने की उम्मीद है।