क्या सीएम सुक्खू ने हिमाचल दिवस पर कृषि, बागवानी पैनल की घोषणा की?

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क्या सीएम सुक्खू ने हिमाचल दिवस पर कृषि, बागवानी पैनल की घोषणा की?

सारांश

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर किसानों और बागवानों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक कृषि और बागवानी आयोग के गठन की घोषणा की। यह आयोग आगामी बजट सत्र में स्थापित किया जाएगा। जानिए इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे की वजहें।

Key Takeaways

  • कृषि और बागवानी आयोग की स्थापना
  • किसानों के अधिकारों की सुरक्षा
  • पेंशन भोगियों के लिए बकाया भुगतान
  • समृद्ध हिमाचल विजन का निर्माण
  • सामाजिक समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण कदम

प्रागपुर, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राज्य स्थापना दिवस के इस विशेष अवसर पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने रविवार को किसानों और बागवानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा उनके अधिकारों की रक्षा हेतु एक कृषि एवं बागवानी आयोग के गठन की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार विधानसभा के आगामी बजट सत्र में इस आयोग को स्थापित करने के लिए एक बिल प्रस्तुत करेगी।

राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान, मुख्यमंत्री ने कमांडिंग ऑफिसर तरुणा के नेतृत्व में परेड टुकड़ियों को सलामी दी। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को बधाई देते हुए, सीएम सुक्खू ने राज्य को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और हिमाचल प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. परमार के योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री ने जसवां विधानसभा क्षेत्र में प्रागपुर में सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) कार्यालय और नलसुहा में पब्लिक हेल्थ सेंटर खोलने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने कार्यभार संभाला, तो पिछली सरकार ने कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के बकाया के कारण १०,००० करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियां छोड़ी थीं।

फिलहाल, वेतन, पेंशन और अन्य बकाया से संबंधित कुल बकाया राशि ८,५५५ करोड़ रुपये है। राज्य की खराब वित्तीय स्थिति के बावजूद, उन्होंने घोषणा की कि ७० वर्ष और उससे अधिक उम्र के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के बकाया का पूरा भुगतान जनवरी में किया जाएगा। इसके लिए ९० करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि १ जनवरी, २०१६ और ३१ दिसंबर, २०२१ के बीच रिटायर हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पेंशन और संबंधित लाभों में संशोधन के कारण ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट का बकाया मिला है।

उन्होंने घोषणा की कि जनवरी में उन्हें ग्रेच्युटी बकाया का अतिरिक्त ५० प्रतिशत और लीव एनकैशमेंट बकाया का ७० प्रतिशत भुगतान किया जाएगा, जिस पर ९६ करोड़ रुपये खर्च होंगे।

सीएम सुक्खू ने कहा कि यह अवसर पिछले ५५ वर्षों की उपलब्धियों का आकलन करने और इस बात पर विचार करने का मौका देता है कि आने वाले वर्षों में राज्य को किस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

जिम्मेदारी और दूरदर्शिता की इसी भावना के साथ, सरकार ने 'समृद्ध हिमाचल विजन' नामक एक दस्तावेज तैयार करना शुरू किया है, जो अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि यह विजन दस्तावेज पूरे राज्य के लोगों, विशेषज्ञों, प्रशासन और संस्थानों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किया जाएगा।

दस्तावेज का मसौदा तैयार करते समय, राज्य के पर्यावरण, मेहनती लोगों की आकांक्षाओं और इसकी मजबूत सामाजिक परंपराओं पर उचित ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य ऐसा विकास करना है जो पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ हो, आपदा प्रतिरोधी हो और समाज के सभी वर्गों को शामिल करे।

Point of View

बल्कि राज्य के आर्थिक विकास में भी तेजी आएगी। सरकार की यह पहल सामाजिक समृद्धि और विकास के लिए सकारात्मक संकेत है।
NationPress
12/02/2026

Frequently Asked Questions

कृषि और बागवानी आयोग का गठन क्यों किया गया?
कृषि और बागवानी आयोग का गठन किसानों और बागवानों के अधिकारों की रक्षा और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
इस आयोग की स्थापना कब होगी?
इस आयोग की स्थापना आगामी विधानसभा बजट सत्र में प्रस्तावित बिल के माध्यम से की जाएगी।
सरकार ने अन्य क्या घोषणाएं की हैं?
सरकार ने पेंशन भोगियों के बकाया का भुगतान करने और स्वास्थ्य केंद्र खोलने की भी घोषणा की है।
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