असम CM हिमंता बिस्वा सरमा की PM मोदी से मुलाकात, NDA 3.0 में राज्य के विकास एजेंडे पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 31 मई 2025 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की विकास प्रगति तथा आगामी प्राथमिकताओं से अवगत कराया। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब असम सरकार औद्योगिक निवेश, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर और रोज़गार सृजन को लेकर कई बड़ी नीतिगत पहलों की तैयारी में है।
बैठक में क्या हुआ
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में असम सरकार की प्रमुख विकास पहलों, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, निवेश प्रस्तावों और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को केंद्र के विकसित भारत के विजन के अनुरूप आर्थिक विकास को गति देने, कनेक्टिविटी सुधारने और सामाजिक क्षेत्र के कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने के राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी दी।
सरमा की एक्स पर पोस्ट
बैठक के बाद सरमा ने एक्स पर लिखा, 'नई दिल्ली में पीएम मोदी से मिलकर गर्व महसूस हुआ। मैंने उन्हें बताया कि एनडीए 3.0 सरकार में असम में हम कितनी तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं, उनके लगातार समर्थन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और आने वाले सालों में उनके आशीर्वाद और मार्गदर्शन की कामना की।' सरमा ने पिछले कुछ वर्षों में राज्य में आए बदलाव का श्रेय बार-बार प्रधानमंत्री के समर्थन को दिया है।
असम में इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रगति
एनडीए सरकार के कार्यकाल में असम ने सड़कों, रेलवे, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सेमीकंडक्टर निवेश जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। हाईवे विस्तार, रेलवे आधुनिकीकरण तथा ऊर्जा एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में नए निवेश इस दौर की प्रमुख उपलब्धियाँ रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह बैठक पूर्वोत्तर क्षेत्र की विकास प्राथमिकताओं पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच घनिष्ठ समन्वय को रेखांकित करती है।
रणनीतिक परियोजनाओं पर ज़ोर
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सरमा पिछले कुछ हफ्तों से केंद्रीय मंत्रियों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ सक्रिय रूप से संवाद कर रहे हैं, ताकि राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक रोडमैप से जुड़ी रणनीतिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा सके। यह बैठक आने वाले महीनों में अपेक्षित बड़ी नीतिगत पहलों से पहले राज्य-केंद्र तालमेल को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।