क्या कुत्ते के काटने से फायर कर्मचारी की मौत हो गई?
सारांश
Key Takeaways
- 25 लोगों पर एक कुत्ते ने हमला किया।
- फायर कर्मचारी रफीक वालीकर की मौत हुई।
- घायलों की एंटी-रेबीज वैक्सीन दी जा रही है।
- नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
- इलकल में डर का माहौल बना हुआ है।
बागलकोट, 22 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के बागलकोट जिले के इलकल शहर में 3 नवंबर को एक कुत्ते ने एक ही दिन में 25 लोगों पर हमला किया। अगले दिन नगर पालिका की टीम ने उस कुत्ते को पकड़ लिया था, लेकिन कुत्ते के काटने से घायल हुए फायर ब्रिगेड के कर्मचारी रफीक वालीकर (38) की गुरुवार को हुबली के एक अस्पताल में मौत हो गई।
रफीक को उस समय कुत्ते ने काटा था जब वे ड्यूटी पर थे। शुरुआत में उनकी चोट को हल्की समझकर सामान्य इलाज किया गया, लेकिन 20 दिन बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत हुबली के केआईएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रेबीज की पुष्टि की। इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार खराब होती गई और गुरुवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
रफीक की मौत की ख़बर सुनते ही इलकल शहर में दहशत फैल गई, जिसमें उन 24 लोगों का भी नाम है, जिन्हें उसी कुत्ते ने काटा था। इनमें कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं। एक बच्चे के होंठ पर गहरा काटा गया था, जिससे होंठ फट गया था। बच्चे की मां अभी भी डरी हुई है और रोज अस्पताल के चक्कर काट रही है।
स्वास्थ्य विभाग अब सक्रिय हो गया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि सभी 24 घायलों को तुरंत एंटी-रेबीज वैक्सीन की पूरी खुराक दी जा रही है। जिन लोगों ने पहले केवल एक-दो इंजेक्शन लिए थे, उन्हें फिर से पूरा कोर्स करने को कहा गया है। साथ ही सभी को रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन इंजेक्शन भी लगाए जा रहे हैं।
नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं कि पकड़े गए कुत्ते की लैब जांच रिपोर्ट अब तक क्यों नहीं आई। लोगों का कहना है कि अगर जल्दी पता चल जाता कि कुत्ता सच में पागल था, तो रफीक की जान शायद बच जाती।
इलकल शहर में फिलहाल माहौल गम और डर का है। रफीक के परिवार वाले सदमे में हैं, जबकि बाकी घायल परिवार रोज अस्पताल पहुंचकर अपनी और अपने बच्चों की जान की दुआ मांग रहे हैं।