ईरान ने उन देशों पर हमले किए हैं जिन्होंने कभी उसे नुकसान नहीं पहुँचाया: आईडीएफ प्रवक्ता

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ईरान ने उन देशों पर हमले किए हैं जिन्होंने कभी उसे नुकसान नहीं पहुँचाया: आईडीएफ प्रवक्ता

सारांश

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष ने पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है। आईडीएफ प्रवक्ता ने बताया कि ईरान अब खाड़ी देशों के वाणिज्यिक तेल जहाजों को निशाना बना रहा है। जानिए उनके मुख्य रणनीतिक उद्देश्य क्या हैं।

Key Takeaways

  • ईरान ने अपने न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोजेक्ट को विकसित किया है।
  • आईडीएफ ने इजरायल की सुरक्षा के लिए सक्रियता दिखाई है।
  • ईरान के हमले क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।
  • नागरिक लक्ष्यों पर हमले चिंता का विषय हैं।
  • इजरायल के पड़ोसी देशों के साथ संबंध महत्वपूर्ण हैं।

तेल अवीव, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी तीव्र संघर्ष ने पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति उत्पन्न कर दी है। इस दौरान इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के प्रवक्ता बीजी एफी डेफ्रिन ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को जानकारी दी कि ईरान से संबंधित मौजूदा विवाद में आईडीएफ के मुख्य रणनीतिक उद्देश्य क्या हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान अब खाड़ी देशों और क्षेत्र में वाणिज्यिक तेल जहाजों को निशाना बना रहा है, ऐसे में आईडीएफ इन हमलों को किस दृष्टिकोण से देखता है?

आईडीएफ प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने कहा, "हमने दो सप्ताह पहले शनिवार सुबह इजरायल पर संभावित खतरे को समाप्त करने के लिए कार्रवाई की। ईरान ने वर्षों से अपनी न्यूक्लियर क्षमता को विकसित किया है। उनके पास एक विशाल न्यूक्लियर प्रोजेक्ट था और जब हमने जून में उन पर हमला किया, तो वे इस प्रोजेक्ट को फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रहे थे। वे इजरायल या अमेरिका के हवाई बमों से बचने के लिए इसे जमीन के नीचे छिपाने का प्रयास कर रहे थे। हमारे लिए यह एक बड़ा खतरा है।"

उन्होंने आगे कहा, "दूसरा खतरा उनके मिसाइल प्रोजेक्ट का है। वे हजारों बैलिस्टिक मिसाइलें और लॉन्चर तैयार कर रहे थे, जो सभी ईरान में निर्मित हैं। वे इजरायल तक पहुँचने और उस पर हमला करने के लिए 2,000 से 3,000 किलोमीटर की रेंज की योजना बना रहे थे।"

इजरायली फोर्स के प्रवक्ता ने बताया कि ईरान हर हफ्ते या महीने में दर्जनों हथियार बना रहा था और उनका लक्ष्य प्रत्येक महीने में सैकड़ों बनाने का था। दो हफ्ते पहले, यह उस संख्या पर पहुँच गया जिसे हम और बर्दाश्त नहीं कर सकते थे क्योंकि ये दोनों इजरायल पर खतरा उत्पन्न कर रहे थे। हमें यह हमला करना पड़ा, हमें कार्रवाई करनी पड़ी, हमें इसे रोकना पड़ा। ईरान अब खाड़ी देशों और क्षेत्र में वाणिज्यिक तेल जहाजों को टारगेट बना रहा है।

ईरान के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई के बारे में आईडीएफ प्रवक्ता ने कहा, "यह केवल इस आतंकवादी सरकार का असली चेहरा उजागर करता है। उन्होंने अधिकांशतः पूरे क्षेत्र के देशों पर हमला किया है, जैसे कि ओमान, यूएई, बहरीन और सऊदी अरब, जो उनके मित्र हैं और जिन्होंने कभी भी ईरान के साथ कुछ गलत नहीं किया। उन्होंने सैनिक लक्ष्यों पर नहीं, बल्कि नागरिक लक्ष्यों पर हमला किया, जैसे अबू धाबी में बुर्ज खलीफा और कतर तथा बहरीन के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे। वे हर दिन ऐसा कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि पिछले दो हफ्तों में वे उन देशों पर हमले कर रहे हैं, जिससे इस सरकार की प्रवृत्ति स्पष्ट होती है। हमारे पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध हैं। यह एक ऐतिहासिक मोड़ बन रहा है। यह हमारे लिए एक अवसर है। हम सचमुच आशा करते हैं कि हमारे पास एक क्षेत्रीय संरचना होगी जिससे हम इजरायल, इजरायल के भविष्य और पूरे क्षेत्र के लिए शांतिपूर्ण जीवन का निर्माण करेंगे। ईरान न केवल इजरायल के लिए खतरा है, बल्कि यह एक क्षेत्रीय समस्या भी है।

Point of View

जबकि आईडीएफ ने उन्हें रोकने के लिए कार्रवाई की है। यह एक जटिल भू-राजनीतिक स्थिति है जो क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर सकती है।
NationPress
21/03/2026

Frequently Asked Questions

ईरान के हमले का मुख्य कारण क्या है?
ईरान ने अपनी न्यूक्लियर क्षमता और मिसाइल प्रोजेक्ट के विकास को देखते हुए अपने पड़ोसी देशों पर हमले किए हैं।
आईडीएफ का इस स्थिति में क्या उद्देश्य है?
आईडीएफ का मुख्य उद्देश्य इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरान के खतरे को समाप्त करना है।
ईरान के हमले का प्रभाव क्या हो सकता है?
ईरान के हमले से क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है, जो सुरक्षा स्थिति को और जटिल बना सकता है।
क्या ईरान ने केवल सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया है?
नहीं, ईरान ने नागरिक लक्ष्यों को भी निशाना बनाया है, जैसे कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे।
इजरायल के साथ अन्य देशों के संबंध कैसे हैं?
इजरायल के पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध हैं, जो इस संघर्ष को और अधिक महत्वपूर्ण बनाते हैं।
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