इजरायल ने ईरान के महत्वपूर्ण न्यूक्लियर ठिकाने पर किया हमला

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इजरायल ने ईरान के महत्वपूर्ण न्यूक्लियर ठिकाने पर किया हमला

सारांश

तेल अवीव, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर एक और हमला किया है। आईडीएफ ने तालेघन साइट को निशाना बनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। जानें इस हमले के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

इजरायल ने तालेघन साइट पर हमला किया।
यह हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लक्षित करता है।
तालेघन, तेहरान से 30 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है।
ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम विवादित है।
इजरायल की कार्रवाई से क्षेत्र में तनाव बढ़ा है।

तेल अवीव, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य एशिया में संकट और गहरा होता जा रहा है। इजरायल ने 13वें दिन यह दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने ईरान के एक और परमाणु प्रोजेक्ट को लक्ष्य बनाया है। आईडीएफ ने तालेघन साइट पर हमला किया है।

एक्स प्लेटफॉर्म पर इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने इस महत्वपूर्ण जानकारी को साझा किया है। आईडीएफ ने बताया कि उनकी वायुसेना ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े एक प्रमुख ठिकाने पर आक्रमण किया है। यह हमला तेहरान के दक्षिण-पूर्व में स्थित पारचिन सैन्य परिसर के तालेघन साइट पर किया गया।

आईडीएफ के अनुसार, लड़ाकू विमानों ने इस परिसर को निशाना बनाया, जिसे ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जा रहा था। दावा किया गया कि इस साइट को अक्टूबर 2024 में भी निशाना बनाया गया था और हाल ही में ईरान ने इसे फिर से सक्रिय करने का प्रयास किया था।

हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है।

रॉयटर्स के अनुसार, तालेघन, तेहरान से लगभग 30 किलोमीटर (19 मील) दक्षिण-पूर्व में स्थित है। ईरान पर एयर स्ट्राइक करने के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनके युद्ध के लक्ष्य में से एक ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने से रोकना था।

तेहरान लंबे समय से यह दावा करता आया है कि उसका न्यूक्लियर प्रोग्राम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। लेकिन 2002 में, यूरेनियम संवर्धन और हेवी वॉटर प्लूटोनियम उत्पादन की दो जगहें खोजी गईं, जिससे संदेह उत्पन्न हुआ।

इजरायली सेना ने कहा कि आईडीएफ इंटेलिजेंस ने पता लगाया था कि तालेघन कंपाउंड का उपयोग तेहरान द्वारा हथियार बनाने और 'अमाद' प्रोजेक्ट के तहत परीक्षण करने के लिए किया जा रहा था, जिसका उद्देश्य न्यूक्लियर हथियार बनाना था। माना जाता है कि यह प्रोजेक्ट 2003 में समाप्त हो गया था।

पिछले हफ्ते, इजरायली सेना ने घोषणा की थी कि उसने ईरान की एक और न्यूक्लियर साइट मिंजादेहियन पर हमला किया है, जहां उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक चुपचाप न्यूक्लियर हथियारों के लिए एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहे थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका वैश्विक सुरक्षा पर प्रभाव क्या होगा, यह देखना महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इजरायल ने किस स्थान पर हमला किया?
इजरायल ने ईरान के तालेघन साइट पर हमला किया।
ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम किस उद्देश्य से है?
ईरान का दावा है कि उसका न्यूक्लियर प्रोग्राम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
आईडीएफ ने इस हमले के पीछे क्या कारण बताए हैं?
आईडीएफ का कहना है कि यह हमला ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम की क्षमताओं को बाधित करने के लिए किया गया।
क्या यह हमला पहले भी हुआ था?
हाँ, यह साइट अक्टूबर 2024 में भी निशाना बनी थी।
राष्ट्र प्रेस
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