इजरायल का ईरानी गैस फील्ड पर दूसरा हमला, नुकसान का आकलन जारी

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इजरायल का ईरानी गैस फील्ड पर दूसरा हमला, नुकसान का आकलन जारी

सारांश

इजरायल ने ईरानी गैस फील्ड पर दोबारा हमला किया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने आग पर काबू पाने के बाद नुकसान का मूल्यांकन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्या यह संघर्ष और भी गहरा जाएगा?

Key Takeaways

  • इजरायल ने ईरानी गैस फील्ड पर दूसरा हमला किया।
  • ईरान ने हमले के बाद नुकसान का आकलन शुरू किया।
  • साउथ पार्स दुनिया की सबसे बड़ी गैस फील्ड है।
  • अमेरिका की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
  • संघर्ष बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

तेल अवीव/तेहरान, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल ने सोमवार को ईरानी गैस फील्ड पर एक बार फिर से हमले की कार्रवाई की। साउथ पार्स दुनिया की सबसे विशाल गैस फील्ड मानी जाती है, जो ईरान और कतर के बीच स्थित है।

इजरायल ने इस हमले की पुष्टि की है, जिसके परिणामस्वरूप ईरान ने कहा कि प्लांट में लगी आग को नियंत्रित कर नुकसान का मूल्यांकन किया जा रहा है।

फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, इजरायल के हमले में प्रभावित एक पेट्रोकेमिकल प्लांट में आग पर काबू पा लिया गया है। इससे पहले, एजेंसी ने उल्लेख किया था कि असलूयेह में साउथ पार्स पेट्रोकेमिकल प्लांट से "कई धमाकों" की आवाजें सुनी गई थीं।

यह इजरायल का दूसरा हमला है, जो हाल के संघर्ष के दौरान हुआ। इससे पहले 18 मार्च को भी इस गैस फील्ड को निशाना बनाया गया था।

हमले के बाद इजरायली रक्षा मंत्री, इजराइल काट्ज ने दावा किया कि आईडीएफ के हमले के कारण ईरान का सबसे बड़ा पेट्रोकेमिकल प्लांट ठप हो गया है।

इजरायल के सैन्य प्रवक्ता, लेफ्टिनेंट कर्नल नादाव शोशानी ने भी कहा कि शांति वार्ता के बीच ईरान को "कोई राहत नहीं" दी जाएगी।

वर्तमान में शांति वार्ता के बीच इस हमले पर व्हाइट हाउस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, मार्च में साउथ पार्स पर इजरायल के हमले के बाद, ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान कतर के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रखता है, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा और उस पूरे क्षेत्र को "पूर्णतः नष्ट" कर देगा।

तेहरान के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की ट्रंप की डेडलाइन नजदीक है। अमेरिका मध्यस्थता करके ईरान और अमेरिका को एक नए सीजफायर प्रस्ताव पर सहमत कराने की कोशिश कर रहा है।

रविवार रात से सोमवार तड़के तक तेहरान में बमबारी होती रही। राज्य मीडिया के अनुसार, घंटों तक जेट विमानों की आवाजें सुनाई दीं, जो काफी नीचे उड़ रहे थे। एक हवाई हमले में शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के परिसर को भी निशाना बनाया गया। वहीं, शहर के आज़ादी चौक के पास आसमान में काला धुआं उठता हुआ देखा गया।

ईरानी सरकारी मीडिया ने यह भी बताया कि तेहरान में हुए हमलों में अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) के खुफिया प्रमुख, मेजर जनरल माजिद खदेमी भी मारे गए।

Point of View

NationPress
06/04/2026

Frequently Asked Questions

इजरायल ने ईरान के गैस फील्ड पर हमला क्यों किया?
इजरायल का मानना है कि ईरान के पेट्रोकेमिकल प्लांट्स उनके सुरक्षा के लिए खतरा हैं, इसलिए उन्होंने यह हमला किया।
साउथ पार्स गैस फील्ड का महत्व क्या है?
साउथ पार्स दुनिया की सबसे बड़ी गैस फील्ड है, जो ईरान और कतर के बीच स्थित है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
ईरान ने हमले के बाद क्या प्रतिक्रिया दी?
ईरान ने कहा है कि आग पर काबू पाने के बाद वे नुकसान का आकलन कर रहे हैं।
क्या अमेरिका इस हमले पर प्रतिक्रिया देगा?
अमेरिका ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन पिछले हमले में ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि वे जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं।
क्या यह संघर्ष और बढ़ सकता है?
यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो यह संघर्ष और भी गहरा हो सकता है।
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