बिहार के नवादा में सफलतापूर्वक संपन्न हुई राष्ट्रीय लोक अदालत, 1231 मामलों का हुआ निपटारा
सारांश
Key Takeaways
- राष्ट्रीय लोक अदालत में 1231 मामलों का सफल निपटारा हुआ।
- यह अदालत लंबित मामलों का बोझ कम करने में सहायक है।
- सुलह-समझौते पर आधारित विवादों का समाधान।
- न्याय की पहुँच को सरल बनाना इस प्रक्रिया का मूल उद्देश्य है।
- न्यायाधीशों और विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी।
नई दिल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के निर्देशानुसार, राज्य में विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। नवादा में भी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष आशुतोष कुमार झा और सचिव धीरेंद्र कुमार पाण्डेय की उपस्थिति में यह अदालत आयोजित की गई। इस लोक अदालत के तहत पक्षकारों के बीच सुलह-समझौते के आधार पर कई मामलों का समाधान किया गया।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपने संबोधन में बताया कि लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहाँ से कोई भी पक्षकार निराश होकर नहीं लौटता। उन्होंने सभी से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नवादा ने उल्लेख किया कि लोक अदालत न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम करने का एक सरल और प्रभावी साधन है। इसमें दोनों पक्षों की सहमति से विवादों का समापन होता है, जिससे दोनों पक्षों की जीत सुनिश्चित होती है।
इस लोक अदालत में एक दूरसंचार से संबंधित मामले का समाधान किया गया। ग्राम कचहरी के 65 मामलों का भी सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। इसके अलावा, व्यवहार न्यायालय से संबंधित विभिन्न मामलों में कुल 298 मामलों के साथ, इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1231 मामलों का निष्पादन किया गया।
इस मौके पर आशुतोष कुमार झा, सहायक जिला दण्डाधिकारी, उपाध्यक्ष, पुलिस उपाधीक्षक, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश धनन्जय कुमार सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय उपेन्द्र कुमार, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सुभाष चन्द्र शर्मा, और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।