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केजरीवाल हिरासत से रिहा: बोले, 'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें तभी रुकेगी लड़ाई'

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केजरीवाल हिरासत से रिहा: बोले, 'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें तभी रुकेगी लड़ाई'

सारांश

केजरीवाल जाफरपुर थाने से रिहा हुए और सीधे ऐलान किया — ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक लड़ाई नहीं रुकेगी। दिल्ली से मुंबई तक सीजेपी के प्रदर्शन में सैकड़ों हिरासत में, तुषार गांधी को 7 घंटे बाद छोड़ा गया। चुनाव आयोग की साख पर यह टकराव अब राष्ट्रीय बहस बन चुका है।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल को 10 अक्टूबर को जाफरपुर थाने में हिरासत में लिया गया, बाद में रिहा किया गया।
केजरीवाल ने रिहाई के बाद मांग दोहराई — मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, तभी विरोध थमेगा।
मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान पर करीब 600 प्रदर्शनकारी हिरासत में, सभी बाद में रिहा।
महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को करीब 7 घंटे हिरासत में रखने के बाद छोड़ा गया।
प्रदर्शन में सीपीआई (एम) और वंचित बहुजन आघाडी के कार्यकर्ता भी शामिल थे।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 10 अक्टूबर को हिरासत से रिहा होने के तुरंत बाद स्पष्ट किया कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनकी पार्टी का विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। केजरीवाल को नई दिल्ली में सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) के प्रोटेस्ट कॉल के दौरान पार्टी के अन्य नेताओं के साथ जाफरपुर थाने में हिरासत में लिया गया था।

हिरासत का घटनाक्रम

शनिवार को दिल्ली में सीजेपी के आह्वान पर आयोजित विरोध-प्रदर्शन में केजरीवाल और AAP के विभिन्न नेता शामिल हुए। पुलिस ने उन्हें जाफरपुर थाने में हिरासत में ले लिया। हिरासत के दौरान केजरीवाल ने थाने से ही एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि थाने के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक जमा हो गए हैं और यह जगह भी जंतर-मंतर जैसी लगने लगी है।

उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि थाने में 10 से 15 पुलिसकर्मी भी नहीं हैं, जबकि बाहर हज़ारों की संख्या में लोग मौजूद हैं। केजरीवाल ने यह भी कहा कि 'सरकार के पास हमें हिरासत में रखने के लिए जगह कम पड़ जाएगी।'

रिहाई के बाद केजरीवाल का बयान

रिहाई के बाद केजरीवाल एक कार पर सवार होकर थाने से बाहर निकले और अपने कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने दोहराया कि 'हमारी लड़ाई जारी रहेगी और ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा।' यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की कार्यशैली को लेकर विपक्षी दलों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

मुंबई में भी व्यापक हिरासत और रिहाई

दिल्ली के समानांतर मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान पर भी प्रदर्शन हुए। पुलिस ने करीब 600 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिनमें सीपीआई (एम) के समर्थक और वंचित बहुजन आघाडी के कार्यकर्ता शामिल थे। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।

महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को मुंबई पुलिस ने अगस्त क्रांति मैदान की ओर जाते समय हिरासत में लिया। उन्हें पहले डीएन नगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया, फिर मेडिकल चेकअप के बहाने बोरीवली पुलिस स्टेशन स्थानांतरित किया गया। तुषार गांधी के अनुसार, जब उन्होंने पुलिस अधिकारियों से इसका कारण पूछा तो बताया गया कि डीएन नगर में भीड़ बढ़ रही थी। करीब 7 घंटे की हिरासत के बाद उन्हें रिहा किया गया।

प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह विरोध-प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आयोजित किया गया था। सीजेपी ने इस प्रदर्शन का आह्वान किया था, जिसे AAP सहित कई विपक्षी और नागरिक संगठनों का समर्थन मिला। यह पहली बार नहीं है जब केजरीवाल को किसी विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया हो — इससे पहले भी वे कई मौकों पर प्रतीकात्मक गिरफ्तारियों का हिस्सा रह चुके हैं।

आगे क्या होगा

केजरीवाल के बयान से स्पष्ट है कि AAP इस मुद्दे को आने वाले दिनों में और तेज़ करने की योजना में है। यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तो पार्टी का विरोध-प्रदर्शन देशभर में विस्तार पा सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आगामी चुनावी माहौल में और प्रमुखता से उभर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वायरल वीडियो, और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग — यह AAP का परिचित नैरेटिव-निर्माण का तरीका है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति प्रक्रिया या उनके निर्णयों पर विपक्ष के पास ठोस संवैधानिक आधार हैं, या यह महज़ चुनावी माहौल में दबाव की राजनीति है। मुंबई में 600 लोगों की हिरासत और तुषार गांधी का मामला बताता है कि यह विरोध सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं — लेकिन इसकी दीर्घकालिक प्रासंगिकता इस बात पर निर्भर करेगी कि विपक्ष चुनाव आयोग की जवाबदेही को संसद और अदालत में कितने प्रभावी तरीके से उठाता है।
RashtraPress
11 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केजरीवाल को 10 अक्टूबर को क्यों हिरासत में लिया गया?
केजरीवाल को सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन में भाग लेने के दौरान नई दिल्ली के जाफरपुर थाने में हिरासत में लिया गया। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
केजरीवाल की ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की माँग क्यों है?
केजरीवाल और AAP, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली और नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि जब तक ज्ञानेश कुमार पद नहीं छोड़ते, उनका विरोध जारी रहेगा।
मुंबई में कितने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया?
मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान पर करीब 600 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें सीपीआई (एम) के समर्थक और वंचित बहुजन आघाडी के कार्यकर्ता शामिल थे। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
तुषार गांधी को कितने समय तक हिरासत में रखा गया?
महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को मुंबई पुलिस ने करीब 7 घंटे हिरासत में रखा। उन्हें पहले डीएन नगर पुलिस स्टेशन और फिर बोरीवली पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जिसके बाद रिहा किया गया।
सीजेपी का यह प्रदर्शन किस मुद्दे पर था?
सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) ने यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली के विरोध में आयोजित किया था। इसे AAP सहित कई विपक्षी और नागरिक संगठनों का समर्थन मिला।
राष्ट्र प्रेस
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