केजरीवाल हिरासत से रिहा: बोले, 'ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें तभी रुकेगी लड़ाई'
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 10 अक्टूबर को हिरासत से रिहा होने के तुरंत बाद स्पष्ट किया कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनकी पार्टी का विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। केजरीवाल को नई दिल्ली में सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) के प्रोटेस्ट कॉल के दौरान पार्टी के अन्य नेताओं के साथ जाफरपुर थाने में हिरासत में लिया गया था।
हिरासत का घटनाक्रम
शनिवार को दिल्ली में सीजेपी के आह्वान पर आयोजित विरोध-प्रदर्शन में केजरीवाल और AAP के विभिन्न नेता शामिल हुए। पुलिस ने उन्हें जाफरपुर थाने में हिरासत में ले लिया। हिरासत के दौरान केजरीवाल ने थाने से ही एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि थाने के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक जमा हो गए हैं और यह जगह भी जंतर-मंतर जैसी लगने लगी है।
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि थाने में 10 से 15 पुलिसकर्मी भी नहीं हैं, जबकि बाहर हज़ारों की संख्या में लोग मौजूद हैं। केजरीवाल ने यह भी कहा कि 'सरकार के पास हमें हिरासत में रखने के लिए जगह कम पड़ जाएगी।'
रिहाई के बाद केजरीवाल का बयान
रिहाई के बाद केजरीवाल एक कार पर सवार होकर थाने से बाहर निकले और अपने कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने दोहराया कि 'हमारी लड़ाई जारी रहेगी और ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा।' यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की कार्यशैली को लेकर विपक्षी दलों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
मुंबई में भी व्यापक हिरासत और रिहाई
दिल्ली के समानांतर मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान पर भी प्रदर्शन हुए। पुलिस ने करीब 600 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिनमें सीपीआई (एम) के समर्थक और वंचित बहुजन आघाडी के कार्यकर्ता शामिल थे। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को मुंबई पुलिस ने अगस्त क्रांति मैदान की ओर जाते समय हिरासत में लिया। उन्हें पहले डीएन नगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया, फिर मेडिकल चेकअप के बहाने बोरीवली पुलिस स्टेशन स्थानांतरित किया गया। तुषार गांधी के अनुसार, जब उन्होंने पुलिस अधिकारियों से इसका कारण पूछा तो बताया गया कि डीएन नगर में भीड़ बढ़ रही थी। करीब 7 घंटे की हिरासत के बाद उन्हें रिहा किया गया।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह विरोध-प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आयोजित किया गया था। सीजेपी ने इस प्रदर्शन का आह्वान किया था, जिसे AAP सहित कई विपक्षी और नागरिक संगठनों का समर्थन मिला। यह पहली बार नहीं है जब केजरीवाल को किसी विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया हो — इससे पहले भी वे कई मौकों पर प्रतीकात्मक गिरफ्तारियों का हिस्सा रह चुके हैं।
आगे क्या होगा
केजरीवाल के बयान से स्पष्ट है कि AAP इस मुद्दे को आने वाले दिनों में और तेज़ करने की योजना में है। यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तो पार्टी का विरोध-प्रदर्शन देशभर में विस्तार पा सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आगामी चुनावी माहौल में और प्रमुखता से उभर सकता है।