26 अगस्त 2026
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फाइटर कॉकपिट में भारत की बेटियां: राजनाथ सिंह ने गोवा में नारी शक्ति और सैन्य आत्मनिर्भरता का किया गुणगान

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फाइटर कॉकपिट में भारत की बेटियां: राजनाथ सिंह ने गोवा में नारी शक्ति और सैन्य आत्मनिर्भरता का किया गुणगान

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गोवा में हुतात्मा स्मारक के उद्घाटन पर सत्याग्रह से फाइटर कॉकपिट तक भारतीय नारी की यात्रा को नए भारत की शक्ति बताया — और ऑपरेशन सिंदूर को स्वदेशी सैन्य सामर्थ्य की जीवंत मिसाल।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 26 अगस्त को गोवा में हुतात्मा स्मृति स्मारक का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा कि भारत की बेटियां आज फाइटर एयरक्राफ्ट की कॉकपिट से देश की रक्षा कर रही हैं।
भारत अब हथियारों का खरीदार नहीं, ग्लोबल डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का निर्यातक बन रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर को आधुनिक भारतीय सैन्य सामर्थ्य का प्रमुख उदाहरण बताया गया।
19 दिसंबर 1961 को गोवा की पुर्तगाली शासन से मुक्ति और पत्रादेवी के बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
राष्ट्रीय एकता को क्षेत्रवाद, सांप्रदायवाद और जातिवाद से ऊपर बताया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार, 26 अगस्त को गोवा में हुतात्मा स्मृति स्मारक के उद्घाटन समारोह में कहा कि जो बेटियां कभी स्वतंत्रता आंदोलन की अग्रिम पंक्ति में सत्याग्रह करती थीं, आज वही बेटियां फाइटर एयरक्राफ्ट की कॉकपिट से देश के आसमान की रक्षा कर रही हैं। उनके अनुसार, यह केवल सामाजिक परिवर्तन की नहीं, बल्कि नए भारत की सामर्थ्य की कहानी है।

नारी शक्ति और नया भारत

राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारत की महिलाएं सैन्य बलों में नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं, अंतरिक्ष मिशनों का हिस्सा बन रही हैं, स्टार्टअप की अगुवाई कर रही हैं और देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं। उनके शब्दों में, ये उपलब्धियाँ उन स्वप्नों का प्रतिबिंब हैं जो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने देखे थे। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारतीय वायुसेना में महिला फाइटर पायलटों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

स्वदेशी रक्षा क्षमता पर ज़ोर

रक्षा मंत्री ने कहा, 'आज भारत लड़ाकू विमान से लेकर वॉरशिप, मिसाइल, राडार, ड्रोन और एडवांस डिफेंस सिस्टम तक अनेक क्षेत्रों में अपनी स्वदेशी क्षमता को बढ़ा रहा है।' उन्होंने रेखांकित किया कि भारत अब हथियारों का खरीदार नहीं, बल्कि ग्लोबल डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का महत्वपूर्ण निर्यातक बनता जा रहा है। नौसेना के ब्लू वॉटर से रणनीतिक समुद्री सुरक्षा तक विस्तार और तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता की दिशा में प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को आधुनिक भारतीय सैन्य सामर्थ्य का एक बड़ा उदाहरण बताया।

गोवा मुक्ति और पत्रादेवी का बलिदान

राजनाथ सिंह ने याद दिलाया कि 19 दिसंबर 1961 को गोवा पुर्तगाली शासन से मुक्त हुआ था। उन्होंने कहा कि यह मुक्ति उन सत्याग्रहियों के बलिदान के बिना संभव नहीं थी जिन्होंने वर्षों पहले पत्रादेवी जैसे स्थानों पर अपने प्राणों की आहुति दी। 1961 में भारतीय सेनाओं ने जो पराक्रम दिखाया, उसे उन्होंने विश्व सैन्य इतिहास में एक नज़ीर करार दिया। गौरतलब है कि हुतात्मा स्मृति स्मारक उन्हीं अमर बलिदानियों की स्मृति को समर्पित है।

राष्ट्रीय एकता का आह्वान

रक्षा मंत्री ने क्षेत्रवाद, सांप्रदायवाद और जातिवाद को संकीर्ण मानसिकता बताते हुए कहा कि इन सबसे ऊपर राष्ट्रीय एकता की भावना सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि गोवा की स्वतंत्रता का संघर्ष गोवा की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा — भारत के विभिन्न भागों से अनेक समूहों ने शांतिपूर्ण सत्याग्रह के लिए कूच किया, जो राष्ट्रीय एकजुटता की मिसाल थी।

आज़ादी के साथ जिम्मेदारी

राजनाथ सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं है — इसका अर्थ अपनी जिम्मेदारियों को भी पहचानना है। उन्होंने नागरिकों से देश की एकता मजबूत करने, संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करने और कानून का पालन करने का आग्रह किया। गोवा मुक्ति दिवस को उन्होंने केवल ऐतिहासिक स्मरण का नहीं, बल्कि सैन्य सजगता और संप्रभुता की रक्षा के संकल्प के नवीनीकरण का अवसर बताया।

संपादकीय दृष्टिकोण

महिला फाइटर पायलटों की वास्तविक संख्या और स्थायी कमीशन में प्रगति की दर पर स्वतंत्र आँकड़े सीमित हैं, जिससे इन दावों की व्यापक पड़ताल ज़रूरी है। गोवा मुक्ति की ऐतिहासिक विरासत को रक्षा निर्यात की आधुनिक महत्वाकांक्षा से जोड़ना प्रतीकात्मक रूप से प्रभावशाली है, लेकिन ठोस निर्यात आँकड़ों और समयसीमाओं के बिना यह वक्तव्य नीतिगत प्रतिबद्धता कम और राजनीतिक बयानबाज़ी अधिक लगता है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह ने गोवा में किस कार्यक्रम में भाषण दिया?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 26 अगस्त को गोवा में हुतात्मा स्मृति स्मारक के उद्घाटन समारोह में भाषण दिया। यह स्मारक गोवा मुक्ति संघर्ष में प्राणों की आहुति देने वाले सत्याग्रहियों को समर्पित है।
राजनाथ सिंह ने भारत की बेटियों के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि जो बेटियां कभी स्वतंत्रता आंदोलन में सत्याग्रह की अग्रिम पंक्ति में थीं, आज वही फाइटर एयरक्राफ्ट की कॉकपिट में बैठकर देश की रक्षा कर रही हैं। उनके अनुसार महिलाएं सैन्य नेतृत्व, अंतरिक्ष मिशन और स्टार्टअप में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
गोवा की मुक्ति कब और कैसे हुई थी?
19 दिसंबर 1961 को भारतीय सेनाओं ने गोवा को पुर्तगाली औपनिवेशिक शासन से मुक्त कराया था। राजनाथ सिंह के अनुसार, यह सफलता पत्रादेवी जैसे स्थानों पर वर्षों पहले प्राण न्योछावर करने वाले सत्याग्रहियों के बलिदान की नींव पर टिकी थी।
ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख राजनाथ सिंह ने किस संदर्भ में किया?
रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की आत्मनिर्भर और अत्याधुनिक सैन्य क्षमता का एक बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने इसे 1961 की गोवा मुक्ति की उसी परंपरा की अगली कड़ी के रूप में प्रस्तुत किया।
राजनाथ सिंह ने भारत के रक्षा निर्यात के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि भारत अब केवल हथियारों का खरीदार नहीं रहा, बल्कि लड़ाकू विमान, वॉरशिप, मिसाइल, राडार और ड्रोन सहित अनेक क्षेत्रों में स्वदेशी क्षमता विकसित कर ग्लोबल डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का महत्वपूर्ण निर्यातक बन रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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