26 अगस्त 2026
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ओडिशा विजिलेंस ने संबलपुर कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल को ₹73.44 लाख गबन के आरोप में गिरफ्तार किया

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ओडिशा विजिलेंस ने संबलपुर कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल को ₹73.44 लाख गबन के आरोप में गिरफ्तार किया

सारांश

ओडिशा विजिलेंस ने संबलपुर के एक सरकारी कॉलेज के पूर्व प्रभारी प्रिंसिपल को ₹73.44 लाख के गबन के आरोप में दबोचा — इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सॉफ्टवेयर के नाम पर फर्जी बिलिंग का खेल। साथ ही केंदुझार में एक क्लर्क को दो दशक पुराने जीपीएफ घोटाले में दो साल की सजा।

मुख्य बातें

बसंत कुमार नाइक , पूर्व प्रभारी प्रिंसिपल, दुतिका साहू कॉलेज, लाइडा (संबलपुर) , को 26 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया।
कथित गबन की राशि ₹73,44,950 , जो 2019-20 से 2024-25 के बीच हुई।
आरोपों में इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का दुरुपयोग, गलत बिलिंग और डिजिटल सॉफ्टवेयर के नाम पर अनुदान हड़पना शामिल।
केस प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट और BNS 2023 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज।
संग्राम पटनायक (कैपिटल हॉस्पिटल, भुवनेश्वर) को 1999-2003 के जीपीएफ घोटाले में दो साल की सख्त कैद की सजा।
पटनायक को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया भी शुरू होगी।

ओडिशा विजिलेंस ने बुधवार, 26 अगस्त 2026 को संबलपुर जिले के रेंगाली ब्लॉक स्थित दुतिका साहू कॉलेज, लाइडा के पूर्व प्रभारी प्रिंसिपल बसंत कुमार नाइक को ₹73.44 लाख के सरकारी फंड के कथित गबन के आरोप में गिरफ्तार किया। विजिलेंस के अनुसार, यह वित्तीय अनियमितताएँ 2019-20 से 2024-25 के बीच नाइक के प्रभारी प्रिंसिपल के कार्यकाल के दौरान हुईं।

मुख्य घटनाक्रम

आरोपी बसंत कुमार नाइक फिलहाल उसी कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस के लेक्चरर के रूप में कार्यरत हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें संबलपुर में विजिलेंस के स्पेशल जज की अदालत में पेश किया गया। संबलपुर विजिलेंस पुलिस स्टेशन ने उनके खिलाफ केस नंबर 13/26 दर्ज किया है।

यह मामला प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) और 13(1)(ए) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 316(5) और 61(2) के तहत दर्ज किया गया है।

गबन का तरीका

जाँच में सामने आया कि नाइक ने कॉलेज में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के कार्यों के लिए स्वीकृत फंड को बिना काम कराए हड़प लिया। इसके अलावा गलत बिलिंग और फंड स्वीकृत होने के बावजूद संस्थान के लिए उपकरण न खरीदे जाने की अनियमितताएँ भी उजागर हुईं।

विजिलेंस ने यह भी आरोप लगाया कि ऑटोमेशन और डिजिटल मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर लागू करने के नाम पर सरकारी अनुदान का दुरुपयोग किया गया। कुल मिलाकर ₹73,44,950 के सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का आरोप है।

दूसरा मामला: केंदुझार में सीनियर क्लर्क को सजा

भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में, केंदुझार जिले की विजिलेंस कोर्ट ने भुवनेश्वर के कैपिटल हॉस्पिटल में सीनियर क्लर्क के पद पर तैनात संग्राम पटनायक को दो साल की सख्त कैद की सजा सुनाई है।

पटनायक को केंदुझार के पद्मपुर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में जूनियर क्लर्क के रूप में कार्यरत रहते हुए 1999 से 2003 के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों के जीपीएफ रिफंड की राशि का दुरुपयोग करने का दोषी पाया गया। आरोप के अनुसार, यह राशि कर्मचारियों के वेतन से काटी तो गई, लेकिन ओडिशा के अकाउंटेंट जनरल (AG), भुवनेश्वर के पास जमा नहीं कराई गई।

आगे की कार्रवाई

विजिलेंस ने स्पष्ट किया है कि वह सर्विस नियमों के तहत पटनायक के खिलाफ उचित कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारी से संपर्क करेगी। दोषसिद्धि के आधार पर उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। गौरतलब है कि ओडिशा विजिलेंस लगातार सरकारी संस्थानों में वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ सक्रिय अभियान चला रही है, और ये दोनों मामले उसी की कड़ी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और पाँच वर्षों तक वित्तीय निगरानी तंत्र ने आँखें मूँदे रखीं। इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटलीकरण जैसे आधुनिक बहानों की आड़ में सरकारी अनुदान की लूट यह बताती है कि ऑडिट प्रक्रियाएँ अभी भी कागज़ों तक सीमित हैं। केंदुझार के पटनायक मामले में दो दशक बाद सजा सुनाया जाना न्याय की देरी का प्रमाण है — और यह सवाल उठाता है कि ऐसे मामलों में त्वरित अभियोजन के लिए राज्य की तैयारी कहाँ खड़ी है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बसंत कुमार नाइक को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
बसंत कुमार नाइक को संबलपुर के दुतिका साहू कॉलेज, लाइडा में प्रभारी प्रिंसिपल रहते हुए 2019-20 से 2024-25 के बीच ₹73,44,950 के सरकारी फंड के कथित गबन के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उन पर इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सॉफ्टवेयर के नाम पर फर्जी बिलिंग कर सार्वजनिक धन हड़पने का आरोप है।
नाइक के खिलाफ कौन-सी धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ?
संबलपुर विजिलेंस पुलिस स्टेशन ने प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) और 13(1)(ए) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 316(5) और 61(2) के तहत केस नंबर 13/26 दर्ज किया है।
दुतिका साहू कॉलेज में गबन किस तरह किया गया?
जाँच के अनुसार, कॉलेज में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्यों के लिए स्वीकृत फंड बिना काम कराए हड़प लिया गया। इसके अलावा गलत बिलिंग की गई, उपकरण खरीदे नहीं गए और ऑटोमेशन व डिजिटल मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर के नाम पर सरकारी अनुदान का दुरुपयोग किया गया।
संग्राम पटनायक को किस मामले में सजा मिली?
केंदुझार विजिलेंस कोर्ट ने संग्राम पटनायक को 1999-2003 के दौरान पद्मपुर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में जूनियर क्लर्क रहते हुए स्वास्थ्य कर्मचारियों के जीपीएफ रिफंड की राशि का दुरुपयोग करने का दोषी पाया और दो साल की सख्त कैद की सजा सुनाई। यह राशि कर्मचारियों के वेतन से काटी गई थी लेकिन अकाउंटेंट जनरल के पास जमा नहीं कराई गई।
पटनायक के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी?
ओडिशा विजिलेंस ने कहा है कि वह सर्विस नियमों के तहत पटनायक के खिलाफ कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारी से संपर्क करेगी। दोषसिद्धि के आधार पर उन्हें सरकारी सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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